एलएलबी के प्रवेश में एक बार फिर मान्यता प्रमाण पत्र का अड़ंगा लग गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से प्रमाण पत्र न आने की वजह से एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसमें केजीके के अलावा मुरादाबाद के तीन निजी कालेज भी हैं। यह पहली बार नहीं है, जब विवि ने यह रुख अपनाया है। गत वर्ष भी प्रमाण पत्र न होने की वजह से प्रवेश में काफी विलंब हुआ था।
विश्वविद्यालय ने इस बार प्रक्रिया में बदलाव करते हुए प्रवेश परीक्षा के स्थान पर मेरिट को लागू कर दिया। इसकी वजह से केजीके में रिकॉर्ड पंजीकरण हुए हैं। 320 सीट पर अब तक 18 सौ से अधिक विद्यार्थी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकरण की अंतिम तारीख 17 जुलाई है। इसके बाद अब मेरिट जारी करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
गत वर्ष जमा कर दी फीस
केजीके कालेज में वर्ष 2013 में बीसीआई के पदाधिकारियों ने मान्यता के लिए निरीक्षण किया था और 2014 तक की मान्यता दी थी। इसके बाद से मान्यता का नवीनीकरण नहीं हो सका था। इसकी वजह से गत वर्ष विवि ने प्रवेश पर रोक लगाई थी। कालेज पदाधिकारियों ने भागदौड़ करते हुए वर्ष 2020 तक की मान्यता लेने की फीस जमा की थी। इसके बाद बीसीआई ने वर्ष 2017- 2018 के शैक्षिक वर्ष का मान्यता प्रमाण पत्र भेज दिया था और कालेज में काफी विलंब से प्रवेश हुए थे।
कई बार किया पत्राचार
पदाधिकारियों का कहना है कि मार्च के माह में बीसीआई को मान्यता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद अप्रैल, मई और जुलाई माह में पत्राचार किया जा चुका है। पदाधिकारियों को इस संबंध में जानकारी करने के लिए दिल्ली कार्यालय भेजा गया था।
वर्जन...
बीसीआई से कोई जवाब नहीं मिलने की वजह से हम असमंजस में है। वहां से कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए भी नहीं आ रहा है। यदि प्रवेश करते हैं तो विवि ने उन्हें निरस्त करने की चेतावनी दी है।
डॉ. एसडी द्विवेदी, प्राचार्य, केजीके कालेज।