यूथ पेज के लिए.................
सख्ती ने रोके महाविद्यालयों में फर्जी प्रवेश
क्रासर...
- आधार कार्ड लागू होने के बाद वास्तविक को मिल रही छात्रवृत्ति
- सीसीटीवी की निगरानी में हुई परीक्षा से सदमे में नकल के ठेकेदार
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से बार-बार प्रवेश की तारीख बढ़ाए जाने के बावजूद आधी से अधिक सीट रिक्त हैं। आलम यह है कि कुछ निजी कालेजों ने अपने यहां विषयों को बंद करने की तैयारी कर ली है। शिक्षकों का कहना है कि अब आधार अनिवार्य, सीसीटीवी की निगरानी, स्वकेंद्र प्रणाली समाप्त होना और विवि की केंद्रीयकृत प्रवेश प्रणाली ने फर्जी प्रवेश पर रोक लगाई है।
विश्वविद्यालय के संबद्ध करीब नौ जिलों में इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा में करीब दो लाख 16 हजार विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि इन जनपदों के लगभग पांच सौ महाविद्यालयों में ढाई लाख प्रवेश होने हैं, लेकिन अभी तक करीब एक लाख 40 हजार विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। पहले जिन कालेजों में प्रवेश के लिए मारामारी रहती थी, अब वहीं करीब आधी सीटें रिक्त हैं।
एक विद्यार्थी एक सीट
प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि जब से छात्रवृत्ति में आधार अनिवार्य किया है, जब से स्थिति बदल गई हे। पहले छात्रों को कई-कई जगह से दाखिला कराकर उसके नाम पर छात्रवृत्ति वसूली जाती थी, खासकर स्ववित्तपोषित महाविद्यालय छात्रों से उनके प्रमाण पत्र लेकर इस प्रकार के कार्य करते थे। केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया लागू होने के बाद पूरे विश्वविद्यालय में एक विद्यार्थी का एक ही पंजीकरण हो रहा है। ऐसे में वह दो कालेज में प्रवेश लेने की कोशिश भी करेगा तो पहले से एक कालेज में सीट लॉक होने की वजह से ऐसा संभव नहीं रह गया है।
नकल रुकना बड़ा कारण
विवि से संबद्ध स्ववित्तपोषित कालेजों में तो 20 से 30 फीसदी सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं। आधार के बाद इस वर्ष से नकल पर नकेल कसने के लिए सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा और स्वकेंद्र प्रणाली समाप्त की गई है। इससे बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। ऐसे में अब नकल कराने का ठेका लेने वाले शिक्षा माफिया के पैंतरे काम नहीं आ रहे हैं।
इनसेट....
जनपद उत्तीर्ण विद्यार्थियों की संख्या
मुरादाबाद 32618
बरेली 35339
बिजनौर 36032
संभल 14876
अमरोहा 22159
रामपुर 16249
शाहजहांपुर 26995
पीलीभीत 14188
बदायूं 18410
वर्जन...
बिजनौर का एक निजी कालेज जहां बीए में 45 सौ सीट हैं, वहां 41 सौ सीट खाली हैं। आधार और केंद्रीयकृत प्रवेश प्रणाली ने फर्जी प्रवेश पर रोक लगा दी है। अब नवंबर-दिसंबर तक होने वाले दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों के प्रवेश नहीं हो पा रहे हैं, जिसकी वजह से इतनी बड़ी संख्या में सीट रिक्त दिखाई दे रही हैं।
डॉ. योगेंद्र सिंह, प्रवेश समन्वयक, केजीके कालेज।
अन्य वर्षों से इस बार परिणाम अधिक रहने के बावजूद दो लाख 16 हजार विद्यार्थी पास हैं, तो इसका अर्थ है कि पहले फर्जी प्रवेश होते रहे हैं। सरकार की सख्ती से भले ही कालेजों को तात्कालिक नुकसान लग रहा हो, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह जरूरी था।
डॉ. आरके बंसल, प्राचार्य, हिंदू कालेज।