लाखों लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहे करूला नाले का निर्माण पांच बार में किया जाएगा। नगर निगम इसके लिए टुकड़ों में टेंडर जारी करेगा। एक-दो किमी के टुकड़ों में टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही नाले के दोनों निगम की जमीन पर संकेतक लगाए जाएंगे।
करुला - मैनाठेर का नाला ज्यादातर क्षेत्र में कच्चा है। इस कच्चे नाले के चलते गंदा पानी दूर-दूर तक फैल रहा है। इस पानी का असर फसलों, लोगों के खेतों, नलों से निकलने वाले पानी पर भी आ रहा है। इससे लोगों में कई तरह की बीमारी फैल रही हैं। मच्छरों और जहरीले कीटों से जिंदगी दूभर हो रही है। नाले के गंदे पानी से किसानों के आठ सौ बीघा खेत बंजर से हो गए हैं। अमर उजाला ने करुला क्षेत्र के मुस्तफा आबाद नगर, मंसूरी कालोनी, किला आजाद नगर, आबिद टीला, पंडित का नंगला, जब्बार कालोनी, जाहिद कालोनी, भदौरा, शिव नगर, दस सराय, सीतापुर, अय्यूब नगर और जयंतीपुर क्षेत्र केलोगों की समस्या लगातार प्रकाशित की थी। इसके बाद नगर निगम ने नाला पक्का कराने की तैयारी कर ली है।
कच्चे नाले की लंबाई नौ किमी
कच्चे नाले से परेशान लोग दो लाख की आबादी
नाले पर पुलियों का निर्माण चार स्थानों पर
नाला निर्माण पर अनुमानित लागत नौ करोड़
नाला निर्माण से खेती योग्य होगी जमीन आठ सौ बीघा
निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग के अधिकारियों को नाले का सर्वे करने को कहा गया है। नाले में पानी का बहाव ज्यादा होने और इसके चौड़ाई में फैले होने से नाला निर्माण एक-दो किमी के टुकड़ों में पांच बार में कराया जाएगा। एक किमी नाले का सर्वे कराया गया था, उसका 90 लाख का एस्टीमेट बनकर आया है। इसका टेंडर कराकर निर्माण जल्द शुरू करा दिया जाएगा।
विनोद अग्रवाल, महापौर।