मुरादाबाद। मंडलायुक्त राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को कलक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अभिलेखों में गलतियां मिलने पर आयुक्त ने अधिकारियों को लताड़ लगाई। उन्होंने कहा कि रिकार्ड दुरुस्त नहीं होने पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से आम जनता के साथ शालीनता का व्यवहार कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के भी निर्देश दिए।
आयुक्त ने राजस्व अभिलेखागार, रिकार्ड रूम, जिलाधिकारी कोर्ट, अपर उपजिलाधिकारी न्यायालय, संयुक्त कार्यालय, राजस्व सहायक, न्याय सहायक, सीआरए सेक्सन, बिल सहायक, वेतन सहायक, सामान्य लिपिक पटल एवं भूलेख अनुभाग का निरीक्षण किया। राजस्व सहायक प्रथम के पटल पर सेवा पुस्तिकाओं में इंडैक्स नंबर सही नहीं मिले। सेवा पुस्तिकाओं में वर्ष और तारीख दर्ज न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सभी पटल सहायक अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं। मंडलायुक्त ने न्याय सहायक प्रथम के अभिलेखों की भी जांच की। न्यायालय में जाने वाली फाइलों की पत्रावलियों का दाखिला वापसी रजिस्टर में अंकित नहीं होने पर पटल सहायक न्यायिक सीताराम वर्मा को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने कहा कि न्यायालयों में जाने और वापस आने वाली फाइलों में उनका पूर्ण विवरण रखा जाए। कमिश्नर ने संयुक्त अभिलेखागार के निरीक्षण में 1989 के अभिलेखों की फाइलें देखी। पटल सहायक के संतोषजनक जवाब न देने पर वीडिंग रोस्टर के अनुसार फाइलों में क्रमांक और दाखिल दफ्तर वर्ष नियमानुसार अंकित होना चाहिए। आयुक्त ने अपर उपजिलाधिकारी कोर्ट के निरीक्षण में 229-बी0 रजिस्टर भी चेक किया। अपर उपजिलाधिकारी कपिल देव यादव को निर्देश दिया कि लंबित वादों का तत्काल निरीक्षण करें। इस दौरान जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, अपर आयुक्त शिवभूषण तिवारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन लक्ष्मी शंकर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रीति जायसवाल, उपजिलाधिकारी सदर अस्मितालाल, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम रामजीलाल, अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय अब्दुल बासित, उपजिलाधिकारी ठाकुरद्वारा शैलेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी बिलारी रामप्रकाश, समेत कई अधिकारी मौजूद थे।