लंबे समय से अनुपस्थित चल रही 11 आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाओं के निलंबन की संस्तुति की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए निलंबन की संस्तुति का पत्र डीएम को भेज दिया है। बच्चों के पोषण अभियान कार्यक्रम में कोई योगदान न करने पर कार्रवाई की गई।
जिले में 2742 आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकत्री व सहायिका का काम कर रही है। इनमें से सात आंगनबाड़ी कार्यकत्री व चार सहायिका लंबे समय से अनुपस्थित चल रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अनुपस्थित चल रही चौधरपुर आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्री अनुपम कुमारी, पाकबाड़ा की साधना, अटरिया की नाजरा बी, निवाड खास की राजेश्वरी देवी, भगतपुर टांडा की सविता गौतम, रूस्तमपुर तिगरी यशोदा रानी, रूस्तमपुर तिगरी के दूसरे केंद्र की कार्यकत्री नाजरा खातून, अगवानपुर केंद्र की सहायिका कुसुमलता, अगवानपुर की सहायिका निगहत फिरदौस, चौधरपुर मलगद्दा की सहायिका हसीबा बेगम, बहलोलपुर की सहायिका उत्तम के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की है। निलंबन के लिए डीएम को पत्र भेज दिया गया है।
पोषण कार्यक्रम में नहीं कोई योगदान
आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिका लंबे समय से बिना सूचना के गायब है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के तत्वावधान में संचालित बच्चों को कुपोषण मुक्त अभियान, किशोरी एनीमिया अभियान सहित अन्य कार्यक्रमों में कोई कार्य नहीं किया है। अनुपस्थिति के संबंध में विभाग को कोई सूचना भी नहीं दी। कार्रवाई से पहले विभाग उनको अंतिम नोटिस भी भेजा चुका है। नोटिस का भी कोई उत्तर नहीं मिला।
अनुपस्थित चल रही आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सहायिकाओं के निलंबन की संस्तुति की है। निलंबन संस्तुति पत्र डीएम को भेज दिया गया है, डीएम स्तर से ही उनका निलंबन किया जाएगा।
डॉ. अनुपमा शांडिल्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी।