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Moradabad News: नीट की परीक्षा निरस्त होने से मायूस हुए 10351 विद्यार्थी

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मुरादाबाद। तीन मई को हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के निरस्त होने से विद्यार्थी मायूस हैं। उनका कहना है कि दोबारा परीक्षा देने की प्रक्रिया मानसिक रूप से थकाने वाली होती है। कई महीनों की मेहनत के बाद अब फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी।
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मुरादाबाद में तीन मई को हुई परीक्षा के लिए 22 केंद्र बनाए थे। सभी केंद्रों पर 10618 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 10351 विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए आए, जबकि 267 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा का समय दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक का था। केंद्र में प्रवेश सुबह 11:30 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक दिया गया। परीक्षा देने के बाद विद्यार्थी तनाव से राहत महसूस कर रहे थे। विद्यार्थियों को परिणाम का इंतजार था कि इसी बीच परीक्षा निरस्त होने की घोषणा ने उनको चिंतित कर दिया है।
उनका कहना है कि दोबारा तैयारी का मानसिक दबाव बढ़ गया है। अब एक बार फिर किताबों और कोचिंग की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं। एक अभिभावक प्रेरणा दीक्षित ने बताया कि परीक्षा से पहले बच्चे बहुत तनाव में रहते हैं। ऐसे में जब यह परीक्षा हो गई थी तो बच्चों के साथ हमने भी राहत महसूस की थी। अब पढ़ाई और प्रतिस्पर्धा के माहौल में उनकी चिंता और बढ़ गई है।
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वर्जन....

- पांच साल में एनटीए ने 17 ऐसी परीक्षाएं करवाई हैं, जो निरस्त हुई हैं। विद्यार्थियों के लिहाज से यह बिल्कुल गलत है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि री-नीट होगा, उसमें कोई धांधली नहीं होगी। इस बार पेपर अच्छा गया था और अब वह निरस्त हो गया है। मानसिक रूप से थकाने वाला है कि हमें दोबारा परीक्षा देनी होगी। अभी दोबारा कब परीक्षा होगी, इसकी तारीख नहीं आई है।
अंबर, विद्यार्थी

बार-बार परीक्षा में बैठना असहज करने वाला होता है। चूंकि हमें डॉक्टर बनना है तो ऐसी चुनौतियों से निपटना सीखना होगा। मेरा पेपर अच्छा हुआ था। मुझे कोई परेशानी नहीं है। कठिन प्रश्नपत्र आएगा भी तो पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अच्छे अंक मिलेंगे, क्योंकि औसत विद्यार्थी पीछे छूट जाएंगे। उसके हिसाब से रैंक भी अच्छी आएगी।
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सिया, छात्रा
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