सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण की प्रगति रिपोर्ट अब जिलों को प्रतिमाह देनी होगी। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण निदेशक ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। निदेशक ने कहा कि जिलों को 10 तारीख तक हरहाल में वेबसाइट पर रिपोर्ट देनी होगी।
बच्चों को पौष्टिक भोजन मुहैया कराने के लिए प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील योजना संचालित है। इसमें 60 फीसदी बजट केंद्र सरकार से आता है। 40 फीसदी बजट प्रदेश सरकार खर्च करती है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर मध्याह्न भोजन प्राधिकरण बना है। जिला स्तर पर योजना की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से वेबसाइट पर अंकित नहीं की जा रही है। जिससे प्राधिकरण स्तर पर तिमाही रिपोर्ट तैयार करने में विलंब हो रहा है।
प्राधिकरण निदेशक अब्दुल समद ने सभी जिलों के बीएसए को इस बाबत आदेश जारी किया है। निदेशक ने कहा कि जिलों की लापरवाही से केंद्र से प्रदेश सरकार को मिलने वाले बजट प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। निदेशक ने कहा कि नियमित रूप से प्रतिमाह 10 तारीख तक रिपोर्ट वेबसाइट पर अंकित कराए जाने की जवाबदेही बीएसए की होगी। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों और मिड डे मील के जिला समन्वयक को महीने के पहले सप्ताह तक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।