सोलह साल से कम उम्र की दो बेटियों को शिक्षित बनाने का बीड़ा पुलिस ने उठाया है। इनमें से एक ने मनचलों की खौफ की वजह से स्कूल जाना बंद कर दिया था तो दूसरी ने आर्थिक तंगी की वजह से अब तक स्कूल में कदम नहीं रखा था। दोनों के पढ़ाई में होने वाले खर्च की रकम का इंतजाम पुलिस करेगी।
सीओ कोतवाली पूनम सिरोही ने बताया कि एसएसपी जे रविंद्र गौड के निर्देश पर पुलिस लाइन स्थित परामर्श एवं पुनर्वास प्रकोष्ठ (पहल) में दुष्कर्म और एसिड अटैक से पीड़ित किशोरियों, महिलाओं के साथ शनिवार को एक बैठक की गई, जिसमें उनकी परेशानियों के बारे में पूछा गया। इस दौरान कुंदरकी और मझोला की दो किशोरियों के स्कूल न जाने के संबंध में जानकारी हुई। पूछताछ में पता चला कि एक ने खुद के साथ हुई आपराधिक वारदात के बाद मनचलों के खौफ की वजह से स्कूल जाना बंद कर दिया था और दूसरी किशोरी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिस वजह से वह पढ़ाई नहीं कर सकी। पुलिस ने दोनों को पढ़ने के लिए जागरूक किया तो वह तैयार हो गईं और स्कूल जाने की इच्छा जताई। सीओ ने बताया कि दोनों किशोरियों को पढ़ाया जाएगा, इसके लिए जो भी रकम खर्च होगी। उसका इंतजाम पुलिस की ओर से किया जाएगा।