कानपुर का मानसून मंदिर
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यदि पत्थर से टपकने वाली बूंदें छोटी हैं, तो सूखा पड़ने का अंदेशा होता है और अगर बूंदें बड़ी हैं, तो समझो भारी बारिश होने वाली है। सदियां बीत गईं, तकनीक बदल गई, लेकिन इस मानसूनी पत्थर का रहस्य आज भी उतना ही अटूट है, जिसे देखकर बड़े-बड़े मौसम वैज्ञानिक भी भौचक्के रह जाते हैं।