अहरौरा। वाराणसी के साकेत नगर कालोनी से आठ नवंबर को लापता युवक की लाश अहरौरा के हनुमान पहाड़ी के पास छातो गांव की घाटी में क्षत-विक्षत हालत में मिली। बहनोई ने ही हत्या कर लाश को घाटी में ठिकाने लगा दिया। वाराणसी के लंका थाने की पुलिस की सूचना पर अहरौरा पुलिस ने गुरुवार की शाम लाश को बरामद किया।
जानकारी के अनुसार आठ नवंबर को वाराणसी के साकेत नगर कालोनी, थाना लंका निवासी आलोक कुमार राय (25) बहनोई के बुलावे पर दावत के लिए घर से निकला। लेकिन वापस घर नहीं पहुंचा। 11 नवंबर को उसके परिजन ने लंका थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। इस पर 12 नवंबर को धनतेरस के दिन पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। काफी प्रयास के बाद भी युवक का पता नहीं चला तो वाराणसी क्राइम ब्रांच की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस संबंध में शक की सुई बहनोई पर टिकी तो पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया। अहरौरा एसओ राजेश चौबे ने बताया कि वाराणसी में पूछताछ में आरोपी अविनाश राय ने हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर हनुमान पहाड़ी के विपरीत स्थित छातो गांव से सटी घाटी से बोरे में भरा हुआ युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
साथियों के साथ मिलकर की हत्या
अहरौरा। पुलिस ने बताया कि वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र निवासी आरोपी बहनोई अविनाश राय ने आठ नवंबर को आलोक को घर बुलाया। उसके आने पर अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। फिर लाश को ठिकाने लगाने के लिए हाथ और पैर काट कर अलग कर दिया। शव को बोरी में भरकर टेंपो से 40 किलोमीटर दूर अहरौरा घाटी में पहुंचे। घाटी में शव फेंककर चले गए। स्थानीय पुलिस की माने तो हत्या की वारदात में उसके अन्य साथी भी शामिल हैं।