- बड़ी संख्या में दुबई, कतर, इस्राइल में काम कर रहे श्रमिक
पड़री। दुबई में सोनपुर लेबर कॉलोनी में रहने वाले सरैया कमर घटा निवासी कमलेश कुमार निषाद के भेजे वीडियो से परिजनों का दिल दहल गया है। दुबई में लेबर कॉलोनी के आस-पास मिसाइलें गिर रही हैं। वीडियो में स्थानीय भाषा में बात कर रहे लोग काफी घबराए हुए हैं। लेबर कॉलोनी में बड़ी संख्या में भारतीय श्रमिक रह रहे हैं।
पिता हिंछलाल मांझी, माता लीलावती देवी ने बताया कि बेटे के भेजे वीडियो से हम परेशान हैं। बेटा घर आना चाहता है लेकिन कोई फ्लाइट नहीं है। पत्नी कृष्णावती देवी ने बताया कि कमलेश को दो बच्चे खुशी व कृष्णा हैं। गरीबी से बाहर काम करने जाना पड़ा। बेटे ने बताया कि दो दिन से काम बंद है। मिसाइल अगल-बगल गिरने से जान बचाने के लिए बंकर में जा कर रहना पड़ रहा है। इतना ही नहीं अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने मिर्जापुर के कई गांवों में लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। रोजी रोटी की तलाश में मिर्जापुर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रमिक इस्राइल, दुबई, कतर सहित आस पास के देशों में काम कर रहे हैं। संघर्ष के बाद से जहां विदेश में मौजूद श्रमिक मिसाइल, ड्रोन अटैक सहित आप बीती बता रहे हैं। तो वहीं परिजन सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं।
सरैया के कमलेश कुमार निषाद पुत्र हिंछलाल निषाद और शशि कुमार निषाद पुत्र महेंद्र नाथ निषाद वर्तमान में इस्राइल में काम करने गए हैं। दुबई के अबू धाबी शारजाह सोनपुर में सिंधोरा गांव के श्यामू निषाद पुत्र स्वर्गीय शिवलाल उनका छोटा भाई छोटू निषाद पुत्र स्वर्गीय शिवलाल, प्रद्युम्न निषाद पुत्र राम लखन, ओमप्रकाश पुत्र गंगाराम, राजू पुत्र रामलाल सहित दोनों गांव के 18 लोग दुबई में जाकर काम कर रहे हैं। वहां फंसे हैं। दोनों गांव में युद्ध की खबर मिलने पर परिवार सहित पूरे गांव के लोग घबराए हुए हैं। हर लोग टीवी व मोबाइल द्वारा हमेशा संपर्क बनाए हैं लेकिन परिवार वालों का कहना है कि शनिवार की शाम से अधिकांश लोगों से मोबाइल से बात नहीं हो पा रही है। वहीं कुछ लोगों ने मिसाइल हमलों की फोटो वीडियो भी भेजी है। बहुत से लोग अपने पुत्र व बेटे के सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि जहां रहे वह कुशल रहें और किसी तरह घर आ जाएं। परिवार वालों की बात माने तो दुबई के सोनपुर अबू धाबी शारजाहा आदि स्थानों के पास लेबर कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने उन्हें बताया कि अगल-बगल मिसाइल गिरने से लोग बकर में जाकर जान बचा रहे हैं। दुबई के हवाई अड्डे के पास लेबरकॉलोनी में के पास अधिक खतरा है।
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रात में सायरन बजते ही खुल जाती है नींद
कछवां। अनंतपुर गांव निवासी सतीश कुमार इस्राइल में दो वर्षों से है। उसने बताया कि अब स्थिति सामान्य है, काम दो दिन से बंद था, सोमवार से शुरू हो जाएगा। बमबारी को लेकर दिन में दर्जनों बार सायरन बजता था तो लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाते थे जबकि रात में सायरन बजने पर लोगों की नींद खुल जाती थी। घबराहट होने लगता था। स्थानीय प्रशासन द्वारा घरों से बाहर निकलने के लिए मना किया जा रहा था। अब स्थिति सामान्य हो गई है।
दुबई में श्रमिक कालोनी के पास गिर रही मिसाइल । स्रोत- श्रमिक