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जीती अच्छाई, नगरी इतराई

Thu, 13 Oct 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
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राम रावण युद्ध
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राम ने रावण की नाभि में तीर मारा। दस शीश और बीस भुजाएं काट दीं। इसके साथ ही आततायी का अंत हो गया। सारा शहर खुशियों में डूब गया। लोग अगरा उठे। अधर्म पर धर्म की विजय की खुशी में जगह-जगह मेले लगे।  बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया।  
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बरियाघाट पर विजयादशमी महोत्सव में नगरवासियों का रेला उमड़ पड़ा। देर रात डेढ़ बजे राम व रावण युद्ध हुआ। रावण का वध होते ही वातावरण राम के जयकारे से गूंज उठा। महोत्सव का शुभारंभ समाजसेवी सभाजीत सिंह ने स्वरूपों की आरती से किया। विशिष्ट अतिथि मोहम्मद परवेज खान श्री रामलीला कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डा. नीरज त्रिपाठी, अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रहरि ने अतिथियों का स्वागत किया। श्री रामलीला कमेटी गणेशगंज, श्री रामलीला कमेटी पुरानी दशमी, श्री त्रिमोहानी रामलीला कमेटी सहित दक्षिण फाटक व विंध्याचल में लगे मेले में भीड़ उमड़ी।
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चुनार में उसमानपुर मैदान में राम रावण युद्ध हुआ। उपरौध क्षेत्र में बापू उपरौध इंटर कॉलेज लालगंज के प्रांगण विजयदशमी मेला लगा। क्षेत्र के बरौधा ,गगहरा , कोटाघाट में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले दहन किए गए।  जिगना क्षेत्र के बिहसड़ा  बाजार, सर्रोई, खम्हरिया, पाली, मोहनपुर, कसधना, गौा, श्रीनिवासधाम,  गोगांव में विजयादशमी मेलों का आयोजन किया गया। बिहसड़ा में 30 फुट ऊंचे पुतले का दहन किया  गया।   लालगंज, बरौंधा, कोटाघाट, गंगहरा राम-रावण  युद्ध के बाद रावण का पुतला जलाया गया। मड़िहान, दीपनगर, देवपुरा, राजगढ़, कलवारी में मेला लगा। सीखड़ में विजयदशमी मेेलेे में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।  ड्रमंडगंज, पिपरा, हलिया, रतेह चौराहा पर लगे मेले में झांकियां सजाई गईं, रावण का पुतला दहन किया गया। पड़री बाजार, रामनगर सिकरी, भरपुरा, मोहनपुर, अघवार रावण के पुतले जलाए गए। 
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