स्त्रियां शक्ति का स्वरूप होती हैं। उनमें सभी दुख और कष्ट को अपने अंदर समाहित करने की अद्भुत क्षमता है। यह बात संत मोरारी बापू ने विंध्यधाम में प्रवचन के चौथे दिन स्त्री शक्ति पर की चर्चा करते हुए कही। उन्होंने खादी, स्वच्छता आदि के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सब कहते हैं कि पतियों को ही हृदय घात होता है, पत्नियों का नहीं। अरे भाई स्त्रियां शक्ति का स्वरूप हैं। सारी परेशानी और दुख वे सह जाती हैं। उनमें इतनी सहनशक्ति है तो उन्हें दिल का दौरा कैसे पड़ सकता है। छोटी छोटी बात पर घबरा जाता है। उसकी यह चिंता ही हार्टफेल का कारण बनती है। चिंतारहित जीवन जीने को प्रेरित करने के लिए भजन सुनाया। उन्होंने दस विद्या नवदुर्गा के महत्व का विवेचन किया। कहा कि गुरुओं का आदर करने से हमारा मार्ग प्रशस्त होगा है। यदि किसी के अंत:करण भक्ति की प्रवृत्ति आ जाती है तो इसके अंदर से हिंसा खत्म हो जाती है। पूजा बड़ा सरल है प्रेम अनंत कठिन है।
खादी की चर्चा करते हुए बापू ने कहा कि खादी वस्त्र नहीं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के एक विचार है। खादी एक स्वभाव है। आज गांधीजी के एक विचार और चरखे से न जाने कितने लोगों की रोजी रोटी चलती है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने वाले प्रत्येक व्यक्ति एक दिन अवश्य खादी पहन कर आए। लोग खादी को आत्मसात करें। मोरारी बापू ने कहा कि गांधीजी का चरखा, कृष्ण का सुदर्शन चक्र और राष्ट्रीय ध्वज का चक्र परिवर्तन के पहिए हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन में महत्वपूर्ण बताया है। स्वच्छता का हम सबको ध्यान रखना चाहिए।
सुधारने नहीं, सबक लेने निकला
मिर्जापुर। बापू ने कहा कि आप किसी को सुधार नहीं सकते हैं। मै सुधारने नहीं सबक लेने निकला हूं। ज्ञानी की तुलना आम से करते हुए कहा कि कोई आम पका होता है पर कच्चा दिखता है और कोई आम कच्चा होता है लेकिन पका हुआ दिखता है। दिखावे पर न जाएं। ज्ञानी को परखें। एक हतोत्साहित युवक ने बापू को पत्र के जरिए अपनी व्यथा बताई थी। प्रवचन के दौरान उन्होंने उसे बुलाया और मन की मलिनता दूर करके आगे बढ़ने तके लिए प्रेरित किया।
अर्चना पांडेय भी पहुंची प्रवचन सुनने
मिर्जापुर। संत मोरारी बापू का प्रवचन सुनने खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, डीएम बिमल कुमार दूबे, एसपी आशीष तिवारी, नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, डीएसओ अंजनी कुमार सिंह पहुंचे।