भावां। राजगढ़ थाना क्षेत्र के शाहगंज रोड नदिहार बाजार से बच्चे के अपहरण करने के मामले में पुलिस ने घटना के छह घंटे के अंदर बच्चे को खोज निकाला। इसके बाद अपहरणकर्ता महिला पूजा विश्वकर्मा और खरीदार आरोपी दीनदयाल विश्वकर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। मड़िहान थाना क्षेत्र के मटिहानी गांव निवासी राजेश ने बताया कि वह पत्नी प्रीतिमा देवी के साथ दो बच्चों ढाई साल की कृतिका और दो महीने के बेटे को लेकर सोनभद्र के लोढ़ी जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को इलाज के लिए गए थे। इलाज के बाद दोपहर 11 बजे वह घर लौट रहे थे।
इसी बीच अस्पताल में एक युवती से पत्नी घुलमिल गई। वह साथ में ऑटो से आ रही थी। शाहगंज बाजार में ऑटो रुकी तो पत्नी को प्यास लगी थी। इस पर युवती ने पत्नी से कहा कि बच्चे को मैं पकड़ लेती हूं।
आप पानी पी लीजिए। जैसे ही वह बच्चे को गोद में ली। पीछे से आए बाइक सवार युवक उसके पास आकर रुके। वह तुरंत बाइक पर बैठी और दोनों भाग गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगढ़ थानाध्यक्ष दयाशंकर ओझा ने बताया कि राजेश कि तहरीर पर बच्चे का अपहरण कर बेचने वाली सोनभद्र जिले की बरई टोला घोरावल निवासी आरोपी पूजा विश्वकर्मा के साथ खरीदार सोनभद्र जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव निवासी दीनदयाल विश्वकर्मा को राजगढ़ थाना क्षेत्र के धनावल गांव के सामने से शुक्रवार की सुबह लगभग छह बजे भागते समय पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों में पूजा ने बताया कि उसने पैसे की लालच में बच्चे का अपहरण किया था। उसने 5000 रुपये एडवांस लिए थे। उसके पास से 1220 रुपये बरामद हुए। बच्चे के खरीदार दीनदयाल विश्वकर्मा ने बताया कि उसकी चार बेटियां हैं।
पुत्र की चाहत और अपना वंश चलाने के लिए पूजा से 30 हजार रुपये में सौदा हुआ था। इसका बयाना पांच हजार दे दिया गया था। बाकी के 25 हजार रुपए बाद में देने की बात तय हुई थी।
उसके पास से बाइक भी बरामद हुआ है। दोनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। बच्चे को उसके माता पिता को सुपुर्द कर दिया गया।