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आक्सीजन न मिलने से महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

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मिर्जापुर। जिला महिला अस्पताल के एमएचसी विंग में महिला की मौत होने पर परिजनों ने कर्मचारियों पर आक्सीजन नहीं उपलब्ध कराए जाने का आरोप लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप लगाया कि कागजी कार्रवाई में व्यस्त चिकित्सकों और कर्मचारियों की लापरवाही से जान गई है। मांग की किलापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाए।
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प्रयागराज जनपद के बमरौली निवासी अब्बास नगर के एक पार्लर में काम करते हैं। वे परिवार के साथ रामबाग मोहल्ले में रहते हैं। पत्नी 20 वर्षीय शबनम के गर्भवती होने पर उसे बुधवार की भोर महिला चिकित्सालय ले आ रहे थे कि इसी बीच बच्चे का जन्म हो गया। प्रसव के कुछ देर बाद शबनम को सांस लेने में तकलीफ हुई तो उसे जिला महिला चिकित्सालय के एमसीएच विंग के पास पहुंचे। उनका आरोप है कि उनकी पत्नी अस्पताल के गेट पर पड़ी रहीं लेकिन कोई कर्मचारी उसे अंदर ले जाने के लिए नहीं आया। अंदर जाकर स्टेचर लाकर पत्नी को लिटाकर अंदर ले गए। वहां के कर्मचारियों से आक्सीजन लगाने को कहा तो वे कागजी कार्रवाई कराने में व्यस्त रहे। गुहार लगाने के काफी देर बाद कर्मचारी ने कहाकि उनके पास आक्सीजन नहीं है। इसके बाद पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस को फोन किका पर एंबुलेंस न आने पर निजी एंबुलेंस से दो हजार रुपये में नगर के जंगीरोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया गया। अब्बास अस्पताल के ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग किया। एमसीएच विंग के सीएमएस डॉ. युसुफ का कहना है कि महिला मरीज अस्पताल में दो बजे दोपहर में आई थी। चिकित्सकों ने देखने के बाद उसे मेडिसिन के डाक्टर को दिखाने की सलाह दी। इसके बाद उसके साथ आए लोग उसे लेकर चले गए। उसका आरोप निराधार है।
नवजात की मौत पर लापरवाही का आरोप
मिर्जापुर। जिला महिला चिकित्सालय में बनाए गए एसएनसीयू में तीन अप्रैल को नवजात शिशु की मौत हो गई थी। नगर के पंसारी टोला निवासी शिवम चतुर्वेदी ने लापरवाही का आरोप लगाया। आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी पत्नी उन्नति चतुर्वेदी को नार्मल डिलवेरी से पुत्री पैदा हुई थी। अस्पताल कर्मियों ने बताया कि उसकी हालत ठीक नहीं है, इसलिए उसे एनआइसीयू में भर्ती किया जाए। बेटी को वहां भर्ती तो कर दिया, लेकिन कोई डाक्टर उसे देखने नहीं आए। वहां मौजूद कर्मचारी ही उसका इलाज करते रहे। इससे कुछ घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। अगर डाक्टर ने बच्ची को आकर देखा होता तो उसकी मौत नहीं होती। शिवम ने डीएम से पूरे मामले की जांच कराकर लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करने की मांग किया। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा. संजय पांडेय का कहना है कि एनआईसीयू में बच्चे की मौत कैसे हुई। इसकी जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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