मिर्जापुर। जिले में गेहूं की खरीद के लिए सोमवार को अधिकृत रूप से क्रय केंद्र तो खोल दिए गए लेकिन एक घंटे के बाद ही फिर से ताले लटकने लगे। सारे प्रभारी क्रय केंद्र बंद कर कार्यशाला में चले गए। हालांकि पहले दिन कोई किसान भी खाद्यान्न बेचने नहीं पहुंचा। पंजीकरण कराने के लिए जो किसान आए थे, वे बैरंग लौट गए। इससे सभी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। अब तक 14151 किसान पंजीकरण करा चुके हैं।
इस बार जिले में गेहूं खरीद के लिए 112 केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। पहले गेहूं की खरीद एक मार्च से होने वाली थी लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 17 मार्च से 15 जून तक कर दिया गया। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बने क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
जिगना: छानबे ब्लॉक के भटेवरा, भटेवरा द्वितीय, गौरा और नौगांव समेत अन्य क्रय केंद्र सोमवार को खोले गए। इसके एक घंटे बाद ही क्रय केंद्रों में ताला लगाकर प्रभारी जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यशाला में भाग लेने चले गए। खाद्य एवं रसद की क्रय केंद्र भटेवरा की प्रभारी शालिनी शर्मा ने बता कि किसानों को बैठने ,छाया,पेयजल आदि की व्यवस्था की गई है अभी गेहूं तैयार होने मे विलंब है।
लालगंज क्रय केंद्र पर 400 और डांगर केरी केंद्र पर 150 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। वरिष्ठ विपणन अधिकारी दशरथ लाल ने बताया कि दोनों केंद्रों पर पानी और कांटा, बोरियों की व्यवस्था की गई है। हलिया प्रथम और हलिया द्वितीय क्रय केंद्र पर भी तैयारी कर लिया गई है। हलिया प्रथम के प्रभारी प्रिय रंजन राजीव ने बताया कि पांच हजार हजार बोरे उपलब्ध हैं लेकिन अभी कोई किसान अनाज लेकर नहीं आए। चुनार: चेचरी मोड़ स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर अब तक किसी भी किसान से गेहूं की कोई खरीद नही हुई है। विपणन निरीक्षक श्वेता पांडेय ने बताया कि खरीद के लिए केन्द्र पर पूरी तैयारी कर ली गई है। गेहूं लेकर आने पर खरीद की जाएगी। अब तक 450 किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण कराया है।
घर-घर किसानों से गेहूं के लिए संपर्क करें
मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को गेहूं की खरीद के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने केंद्र प्रभारियों से कहा कि वे अभी से ही किसानों से गेहूं की खरीद के लिए संपर्क करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जो किसान पंजीकरण कराने आता है अथवा पूछताछ करने आता है तो केंद्र प्रभारी उससे बराबर संपर्क में बने रहें ताकि जब भी उनकी फसल तैयार हो, उनकी खरीद कर ली जाए। कहा कि पंजीकरण में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। किसानों की सुविधा का पूरा ध्यान होना चाहिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी शिवप्रताप शुक्ल, डिप्टी आरएमओ संजीव सिंह व अधिकांश केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।