मिर्जापुर। शासन की मंशा के अनुरूप शुक्रवार को जिले के 12 ब्लॉकों के 24 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपाल लगी। मजदूर दिवस की छुट्टी होने के कारण चौपाल में जिले के बड़े अधिकारी नहीं पहुंचे, इससे ग्रामीण निराश रहे। चौपाल में प्रधान और सचिव ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। सिटी: क्षेत्र के करनपुर और दुबरा पहाड़ी गांव में ग्राम चौपाल अधिकारियों के नहीं आने से ग्रामीण मायूस दिखे। चौपाल में ग्रामीणों ने आवास, शौचालय, राशन वितरण और साफ-सफाई जैसी बुनियादी समस्याएं उठाईं। दोनों ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान और सचिव ने शिकायतें सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया।
दरअसल ग्राम चौपाल का उद्देश्य गांव में ही समस्याओं का निस्तारण करना है। इसके लिए ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी होती है, ताकि मौके पर ही प्रभावी कार्रवाई हो सके। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान और सचिव तो रोज गांव में उपलब्ध रहते हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि अधिकारी आएंगे और समस्याओं का समाधान करेंगे। बड़े अधिकारियों के नहीं पहुंचने से लोगों में निराशा देखी गई। जिगना: छानबे ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत भावां और कोठरा मिश्रान में ग्राम चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। हर घर नल योजना के तहत पानी न मिलने, नाली, आवास और शौचालय से जुड़े मुद्दों पर लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी।