मंडलीय अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में बगैर चादर के बेड
- फोटो : mirzapur
बैरिस्टर युसुफ इमाम मंडलीय चिकित्सालय में हर तरफ दुर्व्यवस्था फैली है। अधिकांश डाक्टर सुबह नौ बजे तक नहीं आए थे। वार्डो के बेडों पर चादर नहीं बिछे थे तो मरीज पानी के लिए इधर उधर भटकते दिखाई दे रहे थे। घड़े तो रखे थे लेकिन उसमें पानी की बजाय काकरोच दिखाई दे रहे थे। आलम यह था कि मरीज अपना इलाज कराने के लिए परेशान दिखे। हांलाकि कुछ डाक्टर समय से ओपीडी में बैठकर मरीजों का इलाज करते जरूर दिखाई दिए।
बता दें कि शासन हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए प्रतिमाह करोड़ों रुपये वह बहा भी रही है, लेकिन उसके इन मंसूबे पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी पानी फेरने में लगे हुए हैं।
बताते चले कि गत काफी दिनाें से सूचना मिल रही थी कि जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ना दवाएं मिल रही है ना एक्सरे हो रहा है ना ही अल्ट्रासाउंड हो रहा है। यहीं नहीं डाक्टर भी अपने कक्ष में समय से नहीं बैठ रहे हैं और एक बजे ही उठ कर चले जाते हैं। इसको देखते हुए अमर उजाला की टीम गुरुवार की सुबह ेचिकित्सालय पहुंची तो बड़ी संख्या में मरीज परची काउंटर पर परची कटवाते दिखे।
यहीं नहीं काफी मरीज डाक्टरों के कक्ष के बाहर उनका इंतजार करते दिखाई दिए। पता किया गया तो बताया किया अधिकांश डाक्टर एसआईसी के कक्ष में बैठ कर समय काट रहे हैं। हलिया से आए रामशंकर ने बताया कि वार्डों में सही तरीके से इलाज नहीं किया जाता है।
स्टाफ नर्स सूई लगाने और छुट्टी का परचा देने पर पचास से सौ रुपये तक मांगती रहती है। राजगढ़ के राजनरायन ने कहा कि चिकित्सकों के कमरे में सुबह से एमआर भटकने लगते हैं। दोपहर दो बजे तक उनके आने जाने का सिलसिला जारी रहता है।