चार करोड़ से मंडलीय अस्पताल का होगा कायाकल्प
इंपैक्ट
बिना फायर एनओसी के चल रहा है मंडलीय अस्पताल शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद फायर सुरक्षा कार्यों के लिए भी बजट मिला
मिर्जापुर। बिना फायर एनओसी के चल रहे मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल में अब एक करोड़ रुपये आग की सुरक्षा के उपाय होंगे। चार करोड़ रुपये की लागत से अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। इसके तहत रंगरोगन, बिजली संबंधी कार्य और अग्नि सुरक्षा से जुड़े कार्य हैं। मंडलीय अस्पताल में आग से सुरक्षा संबंधी कार्य अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद शुरू हो रहा है। इसके लिए बजट जारी हो चुका है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर अस्पतालों में आग लगने की घटनाएं होने के बाद भी मंडलीय अस्पताल, जहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं, वहां अग्निशमन व्यवस्था के नाम पर केवल फायर एक्सटिंग्विशर था। अन्य आवश्यक सुरक्षा मानक नहीं थे। मंडलीय अस्पताल बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहा था। अमर उजाला ने 5 जून के अंक में ''बिना फायर एनओसी के चल रहा मंडलीय अस्पताल'' शीर्षक से मामले को प्रमुखत से उठाया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज की ओर से शासन को फायर एनओसी के लिए आवश्यक कार्यों के लिए भेजे गए बजट प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई।
शासन ने चार करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। इसमें तीन करोड़ रुपये से अस्पताल की क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत, रंगरोगन तथा बिजली संबंधी कार्य कराए जाएंगे। बिजली कार्यों में नई वायरिंग, ट्रांसफॉर्मर और नए पावर हाउस का निर्माण शामिल है। एक करोड़ रुपये से अग्नि सुरक्षा संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत पूरे अस्पताल परिसर में लोहे की पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिस पर स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्मोक डिटेक्टर सहित अन्य आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे।
वर्जन
मंडलीय अस्पताल का कायाकल्प किया जाएगा। इसके लिए चार करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें आग से सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्यों पर एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शेष राशि से वायरिंग, बिजली के पैनल और अन्य विद्युत संबंधी कार्य कराए जाएंगे।
- डॉ. सचिन किशोर, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल