देहात कोतवाली का बरकछा पहाड़ी मोड़ , जहां लगा था मिरर। स्रोत- संवाद
- फोटो : कवि सम्मेलन में मौजूद कवि व अन्य
मिर्जापुर। ठंड बढ़ने के साथ-साथ अब कोहरा भी पड़ रहा है। ऐसे में सड़क मार्ग पर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। पहले हुई घटनाओं के बाद भी यातायात विभाग सचेत नहीं हुआ है। जिले में 13 ब्लैक स्पॉट घोषित किए गए हैं। बीते सात दिनों में 22 सड़क हादसे हुए हैं। जिले में जहां सबसे अधिक सड़क हादसे होते हैं वहां पर न तो संकेतक लगाया गया है, न ही शीशा लगाया गया है और न हीं टूटी रेलिंग की मरम्मत कराई गई है। इस साल जिले में नवंंबर तक 477 हादसे हुए हैं। इसमें 341 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 369 लोग घायल हुए है।
कछवां: क्षेत्र के कटका के पास हाईवे पर एक वर्ष पहले अक्तूबर 2024 में ट्रक की ट्रैक्टर की टक्कर में 10 मजदूरों की जान चली गई थी। कटका के पास ही पिछले महीने नवंबर माह में कार सवार ने ढाबा से खाना खाकर सड़क पार कर रहे ट्रक चालक व खलासी को टक्कर मारकर ट्रक में जा टकराई। हादसे में चार मौत हो गई थी। एक वर्ष में दो बड़े हादसे होने के बाद भी वहां पर हादसा न हो इसे रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। एक ओर ढाबा और पेट्रोल पंप है। आस-पास बस और ट्रक आदि वाहन सड़क पर ही खड़ा कर देते हैं। बृहस्पतिवार को भी सड़क की पटरियों पर बस और ट्रक काफी देर तक खड़े रहे। हाइवे पर चलने वाले वाहन कोहरे में ऐसे वाहनों से टकराने का कारण बन जाते हैं। यहां पर कोई बोर्ड आदि नहीं लगा है कि सड़क पर वाहन न खड़ा करें। 6
6 महीने से टूटी है रेलिंग
संतनगर के दीपनगर पटेहरा संपर्क मार्ग पर सेंटर मोड़ के पास नहर किनारे लगी रेलिंग छह महीने से टूटी है। जिसकी आज तक मरम्मत नहीं हुई है। इस मोड़ पर दो बाइक नहर में चली गई थी। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। ककरद मोड़ पर डेढ़ साल पहले जेसीबी के लोडर में टकराकर दो लोगों की मौत हुई थी। तात्कालीन डीएम दिव्या मित्तल ने यहां संकेतक बोर्ड व स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए थे। दीपनगर की ओर बोर्ड लगा है, सिरसी की तरफ बोर्ड नहीं लगाया गया है। न ही स्पीड ब्रेकर है।
बरकछा पहाड़ी पर लगा शीशा हो गया गायब
मिर्जापुर। बरकछा पहाड़ी पर आए दिन हादसा होता है। ये ब्लैक स्पॉट है। सड़क सुरक्षा समिति के निर्देश के बाद यहां पर यातायात सुरक्षा संबंधी उपाय किए गए थे। पहाड़ी पर मोड़ के पास दो शीशा लगाया गया था। ताकि दोनों ओर से आने वाले वाहन चालकों को दिखाई दे। एक साल पहले एक शीशा टूट गया था। अब दोनों शीशा गायब हो गया है। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है।
संकेतक नहीं होने से होते हैं हादसे
जिगना। विंध्याचल थाना क्षेत्र के अकोढ़ी, भटेवरा, कटरा, सर्रोई, महोखर, सेमरी व जिगना थाना क्षेत्र के बिहसड़ा, कुशहा मोड़, जिगना ओवरब्रिज, मोहनपुर पाली (सुमतिया) में आए दिन दुर्घटना होती है। यहां संकेतक बोर्ड नहीं लगा है।
ब्रेकर बने, पर संकेतक नहीं
अदलहाट। अदलहाट बाजार में थाना के सामने व गौरही तिराहा के पास व गरौड़ा गेट व शर्मा मोड़ पर बने ब्रेकर से पहले संकेतक नहीं होने से आए दिन वाहन आपस में टकरा जाते हैं। स्टेट अथार्टी की ओर से अभी तक ब्रेकर के पास संकेतक नहीं लगाया गया। भीषण ठंड व कोहरे के कारण वाहन चालकों को ब्रेकर नहीं दिखाई पड़ता है। इस कारण अचानक ब्रेक लेने के कारण वाहन आपस में टकरा जाते हैं।
वर्जन
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर वहां पर संबंधित विभाग से बात करके कार्य कराया जा रहा है। कोहरे को देखते हुए सड़क किनारे पेड़ और अन्य स्थान पर रेट्रो रिफलेक्टेड टेप आदि लगाया जा रहा है। जिस मार्ग पर अंधेरा है। वहां पर सर्वे कर संबंधित विभाग को रोशनी की व्यवस्था करने और खराब लाइट को सही करने के लिए बताया जा रहा है। मोड़ पर डेलीनेटर आदि लगाया जा रहा है। बरकछा पर मिरर के बारे में पीडब्ल्यूडी से बात कर कार्रवाई की जाएगी।
रणजीत तिवारी, प्रभारी यातायात