अहरौरा/मिर्जापुर। अहरौरा जलाशय के सुलूस गेट में पुराने रोलर व टॉप बीम लगाकर भ्रष्टाचार को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में उजागर किया था।
इसका संज्ञान लेकर बुधवार की शाम सिंचाई खंड चुनार अधिशासी अभियंता हरिशंकर प्रसाद निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अवर अभियंता को फटकार लगाई। इसके बाद अधिशासी अभियंता ने तत्काल पुराने उपकरणों को हटवा दिया। जलाशय के सुलूस गेट की मरम्मत के लिए भारी भरकम कार्य योजना बनाकर प्राक्कलन तैयार किया गया और बिना निविदा निकाले कार्यदायी संस्था को काम सौंप दिया गया।
सिंचाई विभाग की मिलीभगत से 48 लाख का बजट स्वीकृत कर धनराशि जारी कर दी गई। इसके बाद सिंचाई विभाग और कार्यदायी की मिलीभगत से मरम्मत के दौरान पुराने उपकरण लगा दिए गए। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार का खेल, बिना टेंडर हो रही गेट की मरम्मत... खबर प्रकाशित कर खामियों को उजागर किया। इसका संज्ञान लेकर अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड चुनार हरिशंकर प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर जेई ओमप्रकाश को फटकार लगाई। किसानों का आरोप है कि सुलूस में लगे दो गेटों की मरम्मत का काम पुराने उपकरण लगाकर हड़बड़ी में पूरा किया जा रहा है। कार्ययोजना में भी खामियां हैं।
बीजक, ड्राइंग, निर्माण और स्थापन कार्य की शर्तों की जांच कराई जाए तो बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होगा। इस संबंध में कोई भी जिम्मेदार बोलने को तैयार नहीं है। कार्यशाला स्थापना खंड के लोग मामले को रफा-दफा करने में लगे हैं।