दादा ओमकार नाथ उसे मकान बनवाने से मना कर रहे थे। वह जमीन का बंटवारा होने के बाद ही मकान बनवाने के पक्ष में थे। इसको लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार की दोपहर लगभग दो बजे ओमकार नाथ दुबे पड़ोसी के यहां कथा सुनकर प्रसाद लेकर घर आ रहे थे। इसी दौरान बालकृष्ण के पुत्र ने कटवासा से उनके गले पर वार कर दिया।
इसके चलते ओमकार नाथ की मौत हो गई। ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी, तब तक आरोपी फरार हो गया। सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। थानाध्यक्ष छोटक यादव ने बताया कि पौत्र ने जमीन विवाद में दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी। आरोपी की तलाश की जा रही है।