जिलाधिकारी ने मंगलवार को नगरपालिका कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान एक पटल पर कई वर्षों से एक ही कर्मचारी के जमे रहने पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा अब कोई भी कर्मचारी एक पटल पर कई वर्षों तक काम नहीं करेगा। उन्होंने कई गड़बड़ियां पकड़ी और अधिशासी अधिकारी को कड़े निर्देश दिए।
मंगलवार को सुबह से ही पालिका कार्यालय में साफ सफाई और रजिस्टरों के रखरखाव का काम युद्धस्तर पर शुरु हो चुका था लेकिन इन सब के बावजूद डीएम की पारखी नजरों ने कमियों को ढूंढ ही लिया।
दोपहर तीन बजे नगरपालिका पहुंचे जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने सबसे पहले पंप हाउस को देखा जहां नलकूप चालक का नाम गलत अंकित था। उन्होंने उस नाम को तुरंत हटवाने का निर्देश दिया।
अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि जब कोई अधिकारी कर्मचारी अवकाश पर जाता है तो उसके स्थान पर किसी और कार्य देखे जाने के लिए लगाया जाए।
डीएम ने प्रधान कार्यालय का निरीक्षण किया तथा वहां के तहसील दिवस रजिस्टर, नगर पालिका रजिस्टर को चेक किया। संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि समय पर प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया जाय।
उन्होंने जन सूचना रजिस्टर, समाधान दिवस रजिस्टर देखा तथा प्रार्थना पत्रों का विगत कई माह से निस्तारण न होने पर संबंधित को कड़ी हिदायत दी।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि श्रमिकों के पंजीकरण कराने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके उपाय करें। डीएम ने पिछले पांच वर्षों तक कितने ठेकेदारों को कार्य का ठेका दिया गया
और कितने कार्य ठीक हुए, कितने ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई और कितनों को ब्लैक लिस्ट किया गया इसका विवरण मांगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कोषाधिकारी अमर सिंह, ईओ संजय कुमार आदि मौजूद रहे।