बीज और कीटनाशक की दूकानें बंद कर व्यापारियो ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने दूकानों पर कीटनाशक स्टाक और उनकी बिक्री के लिए अनुमति लेने के लिए शैक्षिक अनिवार्यता का जोरदार विरोध किया।
व्यापारियो ने प्रदर्शन के बाद कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष पारसनाथ कुशवाहा के नेतृत्व में व्यापारियों ने कुशवाहा नगर से जुलूस निकाला जो नगर के महुवरिया, तहसील चौराहा, सिविल लाइन, रमईपट्टी होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचा। जहां व्यापारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।
सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पारसनाथ कुशवाहा ने कहा कि कृषि रसायन का व्यवसाय करने के लिए अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के लिए योग्यता निर्धारित कर दी गई है, जबकि यह व्यवसाय बेरोजगारी के इस दौर में गांवों के अनेक छोटे-छोटे कृषक परिवारों द्वारा अपनी आजीविका के लिए किया जाता है, जो कम पढ़े-लिखे होते हैं।
कुशवाहा ने कहा कि कृषि रसायन का मानव जीवन से परोक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है, लिहाजा नियम को जीवन रक्षक दवाओं की श्रेणी से अलग रखा जाए।
समिति के अध्यक्ष दीनानाथ कुशवाहा ने मांग किया कि सरकार नियम को समाप्त कर व्यापारियों व गरीब किसानों के साथ उचित न्याय करे। समिति के उपाध्यक्ष दीपक कुमार कुशवाहा ने कहा कि सरकार की इस प्रकिया से देश के लाखों किसान परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे।
महामंत्री अमित बरनवाल ने कहा कि नया नियम लागू करने से सिर्फ भ्रष्टाचार को ही बढ़ावा मिलेगा वहीं मंत्री हरिहर नाथ कुशवाहा ने मांग किया कि उदारीकरण के इस दौर में स्टॉक रजिस्टर की अनिवार्यता भी समाप्त होनी चाहिए।
कलेक्ट्रेट पर किए जाने वाले धरना प्रदर्शन के दौरान जिले के समस्त बीज एवं कीटनाशक व्यापारीगण मौजूद रहे।