मिर्जापुर। मझवां विधानसभा क्षेत्र के सिटी और मझवां ब्लॉक के दो-दो ग्राम पंचायतों बुधवार को आयोजित चौपाल में अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं। अघवार में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि हर घर योजना के तहत पानी दलित बस्ती तक नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों को हैंडपंप के पानी पर आश्रित रहना पड़ रहा है।
सिटी ब्लाॅक के देवरी और अघवार में चौपाल का आयोजन किया गया। एडीओ आईएसबी इंद्रजीत सिंह ने देवरी में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने एकस्वर में चकबंदी की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि कई साल पहले शुरू हुई चकबंदी प्रक्रिया निरस्त होने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जमीन लिखवाने के बाद खारिज-दाखिल तक नहीं हो पा रहा है। चौपाल में लेखपाल को छोड़कर राजस्व विभाग का कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसके चलते समस्या का निपटारा नहीं हो सका। इसी तरह ग्राम पंचायत अधिकारी तरुण भारती की अध्यक्षता में अघवार में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों का कहना था कि मिर्जापुर-वारणसी मुख्य मार्ग के उस पार पानी टंकी होने से दलित बस्ती तक पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। इसके चलते ग्रामीणों को हैंडपंप के पानी पर आश्रित रहना पड़ रहा है। इस एडीओ ने जल निगम के कर्मचारियों को 15 दिन की मोहलत देते हुए कनेक्शन कराने का निर्देश दिया। चौपाल के दौरान कई ग्रामीणों ने आवास और शौचालय की योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की। उधर, मझवाॅ ब्लाॅक के अख्तियारपुर में एडीओ पंचायत अनूप दुबे और रामचंदरपुर में बीडीओ संजय श्रीवास्तव ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। दोनों ग्राम पंचायतों में पेयजल का मुद्दा छाया रहा। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में लगे नल से पानी ही नहीं आ रहा है। इस पर अधिकारियों को संबंधित विभाग को समस्या का समाधान कराने का निर्देश दिया।