पटाखा गोदाम का निरीक्षण करते एसडीएम सदर गुलाब चंद्र और सीओ सदर अमर बहादुर। स्रोत- सोशल मीडिया
मिर्जापुर। दीपावली पर आतिशबाजी के लिए दशहरा के बाद से ही पटाखों का आबादी वाले क्षेत्र में अवैध भंडारण शुरू हो जाता है। पुलिस की मानें तो जिन कारोबारियों को पटाखा बेचने का लाइसेंस मिला है वो भी मानक से अधिक पटाखा का भंडारण किए हैं।
ये कारोबारी अपने घरों में ही अवैध भंडारण किए है। पुलिस व प्रशासन बड़ी घटना होने के बाद जागती है। कानपुर के मूलगंज मिश्री बाजार में पटाखा फटने से कई लोग झुलसे है। अगर, मिर्जापुर में अवैध भंडारण करने वालों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कानपुर के तरह यहां भी ब्लास्ट की घटना हो सकती है।
धुंधी कटरा, पसरहट्टा, तुलसी चौक, कटरा कोतवाली के पीछे छोटा मिर्जापुर, इमरती रोड में कारोबारी पटाखों का अवैध भंडारण किए हैं।