संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर/विंध्याचल। विंध्यधाम में सोमवार को आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा का भव्य संगम देखने को मिला। देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में हो रहे 50वें श्रीविद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शुभारंभ विंध्य रेजिडेंसी में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुआ।
विश्व शांति, राष्ट्र की प्रगति और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ शुरू हुए महायज्ञ में हजारों महिलाओं, बालिकाओं और श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर मां ललिता का कुमकुमार्चन किया। महायज्ञ की शुरुआत गणेश पूजन से हुई।
इसके बाद श्री ललिता सहस्रनाम के मंत्रों के बीच दक्षिण भारत से लाए गए विशेष कुमकुम से अर्चन किया गया। श्रद्धालुओं ने देश की उन्नति, समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और विश्व शांति की कामना की।
महायज्ञ का शुभारंभ स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, विधान परिषद सदस्य श्यामनारायण सिंह ‘विनीत’, नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म शाश्वत है और इसकी जड़ें भारतीय संस्कृति में गहराई तक समाई हैं। उन्होंने समाज में सांस्कृतिक मूल्यों और गौ संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। सांसद नीरज शेखर ने कहा कि स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति के संरक्षण और युवा पीढ़ी को उससे जोड़ने का सराहनीय कार्य हो रहा है।