विंध्याचल। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को विंध्य धाम पहुंचकर भक्तों ने मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किया। अब तक के नवरात्र में ऐसा पहली बार देखा गया कि नवरात्र के दिनों में इतनी कम भीड़ हो। मध्याह्न आरती के पश्चात मां विंध्यवासिनी मंदिर एकदम खाली रहा।
कोविड-19 के प्रकोप को लेकर प्रशासन की मुस्तैदी के चलते दुकानें तो खुली रहीं लेकिन बाजार में लॉक डाउन जैसा मौहाल दिख रहा था। जो भी भक्त माता के दरबार में आये थे, सुबह गंगा स्नान के पश्चात मां विंध्यवासिनी का दर्शन व पूजन करने के पश्चात अपने घर को वापस हो गए। नवरात्र में पहली बार ऐसे माहौल को देखकर व्यापारी काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। नवरात्र में मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन व पूजन चालू होने से उम्मीद तो जगी थी। तमाम दुकानदारों ने कर्ज लेकर दुकानों में सामान आदि सजा दिए। आलम यह कि लाभ को कौन कहे, भीड़ न होने से दुकान का किराया भी निकलना मुश्किल नजर आ रहा है।
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अधिकांश दुकानदारों की तो नहीं हो रहे बोहनी
विंध्याचल। गंगाघाट से मां विंध्यवासिनी मंदिर की ओर जाने वाले कई मार्गों पर दुकानदारों की बोहनी तक नहीं हो रही है। मंदिर में कम भीड़-भाड़ होने से दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। व्यापारी वर्ग भी इससे चिंतित नजर आ रहा है। कोतवाली गली, पक्का घाट, जयपुरिया गली के दुकानदारों ने बताया कि सुबह से शाम तक एक रुपये की बिक्री नहीं हुई है। दुकानदारों ने बताया कि पहला ऐसा मौका है जब नवरात्र के दिनों में गर्भ गृह खाली रहे। दुकानदारों का मानना है कि यदि एक, दो दिन यही माहौल रहा तो विंध्य क्षेत्र में बड़े व छोटे व्यापारी आर्थिक संकट के समस्या का सामना कर सकते हैं।