अदलहाट। एक ओर जहां कोरोना महामारी के चलते पूरा देश त्रासदी झेल रहा है, वहीं क्षेत्र में इन दिनों मच्छरों के आतंक के चलते जनता बेहाल हो गई है। गांवों और कस्बों मे फैली गंदगी से मच्छर जनित बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। क्षेत्र के गरौङी, गौरही, भुईलीखास, जफराबाद ,शिवपुर, बभनी, हाजीपुर, खिरौङ़ी, महुआबारी, गोठौरा, इब्राहिमपुर, बङभुईली सहित तमाम गांवों मे साफ सफाई न होने से बस्ती की गलियों में जगह-जगह कूड़े के अंबार लगे हुए हैं।
बरसात के चलते उठ रही दुर्गंध के चलते लोगो को पास से गुजरना मुश्किल हो गया है। गांवों व कस्बों में सफाई के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति तो अवश्य की गई है पर सफाईकर्मी गांवों में कभी देखे ही नहीं जाते हैं। कहीं यदि आते भी है तो ग्राम प्रधान की चौखट पर हाजिरी लगाकर चलता बनते हैं। गांव की सफाई व्यवस्था से उनसे जैसे मतलब ही नहीं। जिन गांवों मे महिला सफाई कर्मी हैं वहां उनके नाम पर उनके पति काम करते हैं। जहां पुरुष नियुक्त हैं वे भी मात्र पद की शोभा बढ़ा रही हैं। कुछ गांवों मे अभी तक सफाईकर्मी की नियुक्ति ही नही हुई है। जिससे गांव की सफाई व्यवस्था बद से बदतर हो गई है।
सफाईकर्मी अपने तैनाती स्थल पर न पहुंचकर ब्लाक मुख्यालयों पर हाजिर हो सहायक विकास अधिकारी, पंचायत व ग्राम पंचायत एवं विकास अधिकारियों की गणेश परिक्रमा करते हुए उनके सहायक बने हुए हैं। उनसे अपने मूल पद व दायित्व से जैसे कोई मतलब ही नहीं। ऐसे सफाई कर्मियों की ओर से काम न करने के एवज में ग्राम प्रधान, सचिव व ब्लाक मुख्यालय पर बैठे जिम्मेदारों के लिए एक व्यवस्था रहती है। कमोवेश यही दशा वेतन निकासी के लिए भी प्रधान से लेकर सेकेट्री तथा सहायक विकास अधिकारी तक है।
बरसात के मौसम में कुओं का जल प्रदूषित हो गया है। जल साफ करने के लिए कोई दवा तक नहीं डाली गई हैं। ग्रामीणों में श्याम विहारी सिंह, राज नारायण सिंह, अशोक सिंह, सत्येंद्र सिंह, मुकुट सिंह, राम जी, कल्लू राम, महेश कुमार, जगदंबा सिंह ने गांवों की इस बदहाली की तरफ जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए गांवों में साफ सफाई व दवाओं का छिड़काव कराए जाने की मांग की है।