मिर्जापुर। जिले प्रत्येक विकास खंड की दो-दो ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों, गंदगी, जलभराव और पेयजल संकट समेत अन्य समस्याएं उठाईं।
चौपाल में कुल 57 शिकायतें आईं। अधिकारियों ने मौके पर सभी मामलों के निस्तारण का दावा किया है। जिले की चारों तहसीलों में समाधान दिवस के तहत सुबह 10 बजे सुनवाई हुई।
सिटी ब्लाॅक क्षेत्र के पहाड़ी में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। नालियां जाम होने, पेयजल संकट और सरकारी योजनाओं लाभ न मिलने की शिकायतें कीं।
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है, लेकिन नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। कहा कि नालों का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में घुस जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि बिंद, यादव और सोनकर बस्ती में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
बस्ती में लगे पांच हैंडपंपों में से तीन खराब हैं, जिससे पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। राजकुमारी और रामसेवक ने बताया कि भूमि की फाट कराने के लिए एक साल पहले प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा आवास, वृद्धावस्था पेंशन, शौचालय समेत अन्य योजनाओं का लाभ न मिलने की शिकायतें कीं। मुन्ना चौहान, सुमन, मीना देवी, राजकुमारी और सुशीला आदि ने कहा कि चौपाल में खानापूर्ति की जाती है।
जिगना, जासा बघौरा में जिला पंचायत राज अधिकारी राम उदय यादव, बीडीओ रामपाल, विधायक रिंकी कोल ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। जमालपुर, बरी सलाहपुर में एडीओ सरिता बैश और भाईपुर खुर्द में एडीओ कृषि शनि कुमार ने चौपाल में जनसुनवाई की।
पड़री, पहाड़ी ब्लाक के छितम पट्टी और धर्मदेवा में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों अपनी समस्याएं बताईं। छितम पट्टी में डीसी मनरेगा सुशांत सिंह, एडीओ कृषि विनोद कुमार, सचिव सौरभ आदि मौजूद रहे।