5000 से अधिक खाताधारक और 50 से अधिक स्वयं सहायता समूह होंगे प्रभावित, अरगी सरपती शाखा यथावत रखने की मांग
जिगना। छानबे के अरगी सरपती ग्राम पंचायत स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा का गैपुरा शाखा में विलय करने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों और खाताधारकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शाखा प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर विलय के प्रस्ताव को स्थगित करने और शाखा को यथावत संचालित रखने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि विलय से 5000 से अधिक खाताधारक और 50 से अधिक स्वयं सहायता समूह प्रभावित होंगे।
ग्रामीणों ने डीएम समेत बैंक के उच्चाधिकारियों को भी ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया। ग्रामीण विशाल यादव ने बताया कि अरगी सरपती शाखा से आसपास के कई गांवों के पांच हजार से अधिक खाताधारक जुड़े हैं। इनमें अरगी सरपती, महुआरी खुर्द, बिरोही, भटेवरा, कौड़िया-रामपुर, देवरी, बघरा, महरौड़ा और अकोढ़ी समेत अन्य गांव शामिल हैं। शाखा का गैपुरा में विलय होने से खाताधारकों को बैंकिंग कार्यों के लिए तीन से सात किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा। नियमित परिवहन सुविधा के अभाव में बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और छोटे व्यापारियों को विशेष परेशानी होगी।
500 महिलाओं के बैंकिंग कार्य होंगे प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि अरगी सरपती शाखा से 50 से अधिक स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं, जिनमें करीब 500 महिलाएं शामिल हैं। शाखा दूर होने से इन महिलाओं को लेन-देन और समूह से संबंधित बैंकिंग कार्यों के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। कई खाताधारक 80 से 90 वर्ष की उम्र के हैं। उनके लिए दूसरी शाखा तक पहुंचना आसान नहीं होगा। उन्होंने खाताधारकों की सुविधा और जनहित को देखते हुए विलय का प्रस्ताव वापस लेने और शाखा को यथावत संचालित करने की मांग की। प्रदर्शन में आनंद कुमार सिंह, शुभम सरोज, नीरज शर्मा, पूजा यादव, हीरावती देवी, दुर्गावती, राधेश्याम और नाथूराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।