संवाद न्यूज एजेंसी
जिगना(मिर्जापुर)। ग्राम प्रधान संघ छानबे के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को बैठक कर ग्राम प्रधानों ने उपजिलाधिकारी प्रभारी खंड विकास अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 23 जुलाई से अनिश्चित काल के लिए कार्य बहिष्कार का निर्णय लेते हुए ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए ग्राम प्रधानों ने पांच सूत्री शिकायती पत्र सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय को सौंपा।
प्रधानों का आरोप है कि प्रभारी खंड विकास अधिकारी प्रधानों की घोर उपेक्षा कर रहे हैं। मनरेगा मजदूरों की मजदूरी में अनावश्यक अड़चनें डाल रहे हैं। इतना ही नहीं प्रभारी बीडीओ मामूली शिकायत पर गांव में पहुंच कर नया विवाद उत्पन्न कर रहे हैं। प्रधानों ने शिकायती पत्र उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर समस्या समाधान तक कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी प्रभारी खंड विकास अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि गलत कार्य को रोकना, साफ-सुथरा व पारदर्शी ढंग से कार्य कराना मेरी प्राथमिककता है। उन्होंने ने कहाकि यदि कोई समस्या है तो प्रधान संघ के लोग बैठ कर समाधान की बात करनी चाहिए । ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन करने वालों ने शिकायती पत्र देने वालों में प्रधान संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि पूर्व ब्लाक अध्यक्ष विनोद कुमार यादव, शिवलखन बिंद, कृपाशंकर तिवारी, भोलानाथ बिंद, अमर बहादुर यादव, शैलैश कुमार तिवारी, बबलू, निजामुद्दीन, प्रधान प्रतिनिधि गुलाम रसूल, रामू सिंह, जीत नारायण सरोज आदि मौजूद रहे।
ग्राम विकास अधिकारी व ग्रामपंचायत अधिकारी संयुक्त समन्वय समिति की बैठक कर तीन दिन में साथियों का निलंबन वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। समन्वय समिति के अध्यक्ष श्रीकृष्ण उपाध्याय ने कहा कि मनरेगा व आवास का पैसा लाभार्थी के खाते में जा रहा है। खामियाजा सेक्रेटरी भुगत रहे हैं। जबकि सचिवों से कोई मतलब नहीं है। सचिवों ने प्रभारी बीडीओ पर भी सचिवों धौंस जमाने का आरोप लगाया कहा फर्जी शिकायत पर जहां एक रुपया का भुगतान भी नही हुआ है वहां के सचिव से जबाब भी नही मांगा गया और सीधे निलंबन की कार्यवाही कर दी जा रही जो अवैधानिक है। बैठक में श्रीकृष्ण उपाध्याय, प्रकाश चंद दुबे, हरिश्चंद्र बिंद, दिलीप कुमार विश्वकर्मा, गौरव श्रीवास्तव, शशिकांत, उत्तम सिंह, अखिलेंद्र सिंह, शैलैंद्र कुमार, धीरेंद्र कुमार गुप्ता, दिलीप कुमार यादव उपस्थित रहे।