मड़िहान। देवरी कला में निर्माणाधीन मां विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय का कुलपति ने दिसंबर माह में तीसरी बार रविवार को निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण के काम की धीमी प्रगति पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी देते हुए श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
कुलपति शोभा गौड़, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन व अपर आयुक्त डाॅ. विश्राम यादव आदि ने रविवार को सुबह निरीक्षण कर निर्माण के काम में हुई प्रगति की जानकारी ली। कुलपति ने अधिकारियों से कहा कि अब तक चहारदीवारी का काम पूरा हो जाना चाहिए था। कुलपति ने अधिकारियों को आगाह किया कि गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस दौरान मजदूरों की समस्या का मामला उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने मजदूरों की पारिश्रमिक के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि 550 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि समस्या के निपटारे के लिए अगली बार श्रम अधिकारी भी साथ रहेंगे। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने अधिकारियों को समय से काम पूरा करने का भरोसा दिया। बताया कि 2100 मीटर लंबी चहारदीवारी की नींव की खोदाई का काम चल रहा है। हर हाल में मार्च तक चहारदीवारी व आवास निर्माण के काम पूरे करा लिए जाएंगे। कुलपति और जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन विश्वविद्यालय परिसर में वीसी आवास, गर्ल्स हाॅस्टल, ब्वायज हाॅस्टल व टाइप फाइव तथा टाइप फोर आवास के निर्माण स्थल का भी निरीक्षण किया। अपर आयुक्त डाॅ. विश्राम ने कहा कि पूर्व में निरीक्षण के दौरान घटिया निर्माण सामग्री मिली थी। देवरी कला में 25.5 हेक्टेयर भूमि पर विंध्य विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए 16 मार्च को मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल शिलान्यास किया गया था। विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए शासनस्तर से एक अरब 55 करोड़ रुपये जारी किए गए। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कमलेश कुमार ने बताया कि काम पूरा होने में दो साल का समय लग सकता है।