मिर्जापुर। जिले में 17 मार्च से गेहूं की खरीदारी शुरू है लेकिन क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। 14365 किसान पंजीकरा तो करा चुके हैं लेकिन एक हफ्ते के बाद भी अभी तक बोहनी नहीं हुई। वहीं, अपर आयुक्त खाद्य ने कहा है कि क्रय केंद्रों पर 100 क्विंटल तक गेहूं बेचने के लिए किसानों को सत्यापन की जरूरत नहीं है।
जिले में गेहूं की खरीद के लिए इस बार 112 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। जिले में शनिवार तक 14365 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। इसमें से 5126 पंजीकरण का सत्यापन भी किया जा चुका है। अपर खाद्य आयुक्त ने कहा है कि जब किसान केंद्र पर पहुंचे तो उनका गुड़ और पानी से स्वागत किया जाए। गेहूं बेचने पर उसका भुगतान 48 घंटे के अंदर उनके खाते में कर दिया जाए। एक मुख्य बात यह कि किसान जिस बैंक के खाते में भुगतान चाहता है उसे एनपीसीआई के माध्यम से संबंधित बैंक से मैप करा लें। अभी तक जिले के लालगंज तहसील में सबसे अधिक 5519 किसानों का पंजीकरण हुआ है। इसमें से 1756 पंजीकरण का सत्यापन पूरा हो गया है।
सदर तहसील में सबसे कम 1757 किसानों का पंजीकरण हुआ है जिसमें 784 का सत्यापन हो चुका है। इसी प्रकार चुनार में 4321 किसानों का पंजीकरण कराया गया है जिसमें से 1637 का सत्यापन हो चुका है। मड़िहान तहसील में 2768 पंजीकरण में से 949 का ही सत्यापन हुआ है। संभागीय खाद्य नियंत्रक आरबी प्रसाद ने बताया कि 100 क्विंटल तक की बिक्री के लिए सत्यापन की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही सभी केंद्र प्रभारियों से कहा गया है कि वे किसानों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें।