मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर मंडलीय अस्पताल को रातोंरात चमका दिया गया। जब मुख्यमंत्री का प्रोटोकाल आया था तो उसमें मंडलीय अस्पताल का जिक्र नहीं था पर सोमवार को जिले के अधिकारियों ने मंडलीय अस्पताल का दौरा किया तो इससे ये बात स्पष्ट हो गई कि मुख्यमंत्री मंडलीय अस्पताल में बने आक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने आएंगे।
अस्पताल का कायापलट यहीं तक नहीं था। सभी वार्ड चमक रहे थे। वार्ड में सभी बेड पर नए चादर बिछे थे। बेड के पास सामान और दवा रखने के नए टेबल लगे थे। देखकर लग रहा था कि जैसे कोई प्राइवेट अस्पताल हो।
सीएम योगी मंगलवार की सुबह मंडलीय अस्पताल में बने आक्सीजन प्लांट का लोकार्पण करने पहुंचे तो पहले एक नंबर गेट पर कई जनप्रतिनिधि और भाजपा जिलाध्यक्ष को रोका गया। किसी तरह वह अंदर गए। इसके बाद गेट नंबर दो पर अन्य विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष को रोका गया। हंगामा और धक्का-मुक्की के बाद उनको अंदर प्रवेश मिला।
मुख्यमंत्री सुबह साढ़े 10 बजे मंडलीय अस्पताल पहुंचे। सांसद अनुप्रिया पटेल, नगर विधायक रत्नाकर, मझवां विधायक सुचिस्मिता मौर्या, आयुक्त और डीएम के साथ अस्पताल गेट से होते हुए अंदर ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे। इस दौरान कुछ जनप्रतिनिधि पीछे रह गए थे। गेट नंबर एक पर ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष ब्रिजभूषण सिंह को रोका गया।
वहां तैनात सीओ और सुरक्षाकर्मियों ने जानकारी होने के बाद उनको अंदर जाने दिया पर अन्य लोग रुके रहे। गेट नंबर दो पर नगरपालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल और चुनार विधायक अनुराग सिंह पहुंचे। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने रोक दिया। जब उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि है। उन्हें अंदर नहीं जाने देने पर लोग हो हल्ला करने लगे, गेट खुलने पर चुनार विधायक को अंदर जाने दिया गया पर नगरपालिका अध्यक्ष को सीओ ने रोका तो धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद वह अंदर गए।