शराब के नशे में 19 सितंबर को हुआ था विवाद, एक अक्तूबर को इलाज के दौरान मौत
देहात कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ दर्ज की गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के बरकछा में 19 सितंबर की रात शराब के नशे में पार्टी के दौरान चूल्हे पर रखा मुर्गा जमीन पर गिरने को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान चचेरे भतीजे दीपू ने राजपुर आमघाट निवासी चाचा महेंद्र बिंद (55) को धक्का दे दिया। इससे महेंद्र के सिर में गंभीर चोट लग गई। 12 दिन बाद एक अक्तूबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन की तहरीर पर पुलिस ने दीपू, तिगोड़ा निवासी चचेरे साले के बेटे विनोद और भदोही निवासी ट्रेलर चालक नंदू यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की।
देहात कोतवाल अमित मिश्रा ने बताया कि महेंद्र की बरकछा में दुकान है। वह सेल्ह डाइनमो के मिस्त्री थे। उनकी दुकान पर दीपू और विनोद काम करते थे। 19 सितंबर की रात भदोही निवासी ट्रेलर चालक नंदू यादव गाड़ी बनवाने आया था। रात में सभी मिलकर पार्टी करने लगे। शराब पीने के बाद मुर्गा बनाया जा रहा था।
इस दौरान महेंद्र ने चचेरे भतीजे दीपू और विनोद को कुछ सामान लाने भेजा। दोनों सामान लेने चले गए। महेंद्र चूल्हे पर रखे मुर्गे को निकालकर चखने लगे। इसी दौरान भगोना गिर गया और चिकन जमीन पर फैल गया। दीपू और विनोद लौटकर आए तो चिकन जमीन पर गिरा देखकर नाराज हो गए। इसी बात को लेकर महेंद्र से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान दीपू ने महेंद्र को धक्का दे दिया। इससे उनका सिर सीवर के ढक्कन से टकरा गया और गंभीर चोट लग गई।
परिजन उन्हें मंडलीय अस्पताल लेकर आए, जहां से रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उन्हें प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल ले गए। वहां से निजी अस्पताल ले जाकर 10 दिन इलाज कराने के बाद घर लाए। फिर वाराणसी ले गए। वहां इलाज कराने के बाद बृहस्पतिवार को घर लाने पर शाम करीब चार बजे उनकी मौत हो गई।
परिजन की तहरीर पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और दीपू, विनोद व नंदू यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की।