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मछली को चारा डालते समय गड्ढे में डूबकर दो सगी बहनों की मौत

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लालगंज। थाना क्षेत्र बहुती ग्राम सभा के अटारी मजरे में शुक्रवार दोपहर गड्ढे में मछली को चारा देते समय फिसल कर गिरने से दो सगी बहनें डूब गईं। घटना के थोड़ी देर बाद छोटी बहन का शव उतराया हुआ मिला। परिजनों ने खोजबीन किया तो गड्ढे में बड़ी बहन का शव भी बरामद हुआ। बहनों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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क्षेत्र के बहुती ग्राम सभा के अटारी मजरे के निवासी किशोर कुमार बिंद अपने मकान के पीछे सौ मीटर की दूरी पर मछली पालने के लिए गड्ढा बनाया हुआ है। गड्ढा चार से पांच फिट गहरा है। किशोर कुमार की बड़ी पुत्री सात वर्षीय अनामिका अपनी छोटी बहन चार वर्षीय अरांसी के साथ घर से चारा लेकर गड्ढे में मछलियों को खिलाने के लिए पहुंची थी। चारा डालते समय अरांसी का पैर फिसल गया। उसको गिरता देख बड़ी बहन अनामिका ने दौड़ कर अरांसी का हाथ पकड़कर उसे बचाने की कोशिश किया, पर दोनों गड्ढे में चली गई। मौके पर कोई बचाने वाला नहीं था। काफी देर बाद अनामिका का छोटा भाई पांच वर्षीय विशाल भी मछलियों को चारा खिलाने पहुंचा तो देखा की छोटी बहन अरांसी का शव उतराया हुआ था। विशाल ने घर पहुंच कर अपनी मां आशा देवी को बताया। परिजन मौके पर पहुंच कर देखा तो अरांसी का शव उतराया था, लेकिन अनामिका नहीं दिखाई दे रही थी। गड्ढे के अंदर कूद कर खोज किया तो अनामिका का शव मिला। परिजनों ने दोनों बच्चियों के शवों को बाहर निकाला और बिना पुलिस को सूचना के अंतिम संस्कार भी कर दिया। लालगंज थानाध्यक्ष श्याम बिहारी ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है।
बहनों का शव देख भाई का बुरा हाल
लालगंज। किशोर कुमार बिंद व आशा देवी को तीन संतान में दो पुत्री व एक पुत्र है। इसमें सबसे बड़ी अनामिका और अरांसी सबसे छोटी थी। विशाल दोनों बहनों का एकलौता भाई है। घटना के बाद घर के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। बहन के शव को सबसे पहले छोटे भाई विशाल ने ही देखा था। दोनों बहनों के मौत के बाद भाई का रो-रो कर बुरा हाल था।
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व्यवसाय के लिए बनाया गया गड्ढा बना काल
लालगंज। क्षेत्र निवासी किशोर कुमार बिंद ने घर के पीछे गड्ढे में व्यवसाय के लिए मछली पालन कर रहा था। उसे क्या पता था कि गड्ढा उसकी बेटियों के लिए काल बन जाएगा। गड्ढे में बैरिकेडिंग भी नहीं है। इस कारण गड्ढे में गिरने से दोनों बहनों की जान चली गई।
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