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Mirzapur: पीएसी कैंप पर हमला कर हथियार लूटने वाले दो नक्सलियों को 10-10 वर्ष की जेल, 21 साल बाद कोर्ट का फैसला

Thu, 22 Dec 2022 10:01 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर

सार

वर्ष 2001 में 40-50 नक्सलियों ने मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के खोराडीह में पीएसी कैंप पर हमला कर 14 एसएलआर रायफल, एक स्टेन गन, 1300 राउंड गोली, 32 मैगजीन लूट लिया था। मामले में अदालत ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष की कैद और छह-छह हजार के अर्थदंड से दंडित किया।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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21 वर्ष पहले मिर्जापुर जिले के अहरौरा के खोराडीह गांव में तैनात पीएसी कैंप में फिल्मी स्टाइल में हमला कर असलहा लूटने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दो नक्सलियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। 

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वर्ष 2001 में मिर्जापुर और सोनभद्र में नक्सल गतिविधियां चरम पर थीं। नक्सलवाद से निपटने के लिए जंगल इलाके में अहरौरा थाना क्षेत्र के खोराडीह में डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात थी। 22 नवंबर 2001 को शाम को 40 से 50 लोग आए। इसमें पांच-छह महिलाएं और बच्चे थे। जो देखने में मजदूर लग रहे थे।

अचानक बोल दिया था धावा

उनके पास झापिया और फावड़ा आदि थे। पीएसी के जवानों के पूछने पर बताया कि मजदूर हैं। देखते-देखते सभी मजदूर पोस्ट के सामने रोड पर आ गए। बगल में हैंडपंप पर हाथ-पैर धोने लगे। फिर उनसे पूछा गया तो चार-पांच लोगों ने संतरी के ऊपर झापी फेंक कर दबोच लिया। अन्य लोग आते तब तक नक्सली टूट पड़े।

हर कर्मचारी को आठ से 10 लोगों ने दबोच लिया। नक्सलियों ने संतरी का एसएलआर व 50 कारतूस लूट लिया। कैंप में अंदर घुसकर 13 एसएलआर, 1300 राउंड, एक स्टेनगन, पांच मैगजीन, 192 राउंड एसएलआर मैगजीन लूट लिया। जाते समय नारा भी लगाया। 

इसके बाद भवानीपुर और खोराडीह में झोपड़ियां जलाने लगे। मारपीट में घायल आरक्षी बाल बचन, अब्दुल सलाम, मेराज अहमद को  ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई लोगों को गिरफ्तार किया। विवेचना कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार यादव ने गवाह और सबूत अदालत में प्रस्तुत कर कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र  न्यायाधीश जितेेंद्र मिश्रा ने नक्सली महेंद्र सिंह खरवार निवासी ढोसरा थाना मांची जिला सोनभद्र और लालव्रत कोल उर्फ कलमजी उर्फ राजगुरू निवासी मझिगवां थाना चकरघट्टा जिला चंदौली को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और छह-छह हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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