बेटी के घर आम लेकर जा रहे पिता की बिजली
गिरने से मौत हो गई। वह अहरौरा थाना क्षेत्र के मेणरिया के रहने वाले थे।
इसी क्रम में लतीफपुर गांव में अपनी झोपड़ी की मरम्मत कर रहे एक व्यक्ति की
बिजली ने जान ले ली। अहरौरा संवाददाता के अनुसार, मेणरिया गांव निवासी
शंकर बिंद (40) पुत्र भग्गन अपनी बिटिया के घर आम लेकर जा रहा था। तभी
प्री मानसून की बारिश के दौरान शुक्रवार की दोपहर बिजली तेज आवाज के साथ
कड़कने लगी।
वह जैसे ही मिठवा पहाड़ी के पास पहुंचा, तभी बिजली की चपेट में
आकर गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी
होने पर पहुंची अहरौरा पुलिस सोनभद्र के सुकृत सीमा में घटना होने की बात
बताते हुए वापस लौट गई। उधर, सूचना पर पहुंची सुकृत पुलिस भी अहरौरा
क्षेत्र की घटना बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। इस सीमा विवाद के चक्कर
में शव घंटों मौके पर ही पड़ा रहा। सीमा विवाद में दोनों थाने की पुलिस इस
तरह उलझी कि मानवता भी भूल गई। दूसरी घटना लतीफपुर में घटी। पटनवा अलीनगर
जनपद चंदौली निवासी रामबली (35) पुत्र मूरत अहरौरा थाना क्षेत्र के लतीफपुर
गांव में झोड़पी बनाकर रह रहा था। दोपहर एक बजे वह बाहर निकल कर अपनी
झोड़पी का बड़ेर ठीक कर रहा था कि बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई।
राजगढ़
संवाददाता के अनुसार, मड़िहान थाना क्षेत्र के कुड़ी गांव में शुक्रवार की
दोपहर एक बजे बिजली गिरने से दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। परिवार के
लोगों ने दोनों को सीएचसी राजगढ़ में भर्ती कराया। परिवार के अनुसार
शुक्रवार की दोपहर तेज आवाज के साथ बादल गरजा। इसी दौरान संतोष (19) पुत्र
मुन्नू मौर्या और सुरेंद्र (26) पुत्र हीरामनी अपने घर के बाहर निकलकर बादल
की ओर देखने लगे।
इसी बीच, गिरी बिजली की चपेट में आकर दोनों झुलस गए।
उधर, पड़री थाना क्षेत्र के सिद्घी गांव में बिजली गिरने से कांता झुलस
गया, जबकि उसका बैल मर गया। इसी गांव के लालमनी की भैंस मर गई। इसी तरह
सुखनई गांव में बिजली गिरने से फूलचंद्र पाल की तीन बकरी मर गई, जबकि चार
बकरी गंभीर रूप से झुलस गई।