अखाड़ा घाट की सीढि़यों पर जमा सिल्ट।-संवाद।
विंध्याचल। 21 सितंबर की मध्यरात्रि के बाद से शारदीय नवरात्र मेला शुरू हो जाएगा। घाटों पर सफाई व्यवस्था की तैयारियां अधूरी हैं। नगर पालिका प्रशासन बाढ़ का रोना रो रहा है। अब ऐसे में आधी-अधूरी तैयारियों के बीच मेला शुरू होगा। अंतत: श्रद्धालु को स्नान, दर्शन-पूजन में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। दीवानघाट से पक्काघाट तक सिल्ट जमा होने के कारण एक घाट से दूसरे घाट का संपर्क टूट गया है। जमीन में पैर धंस रहा है। पक्काघाट के गुंबद और सीढि़यों से अभी तक सिल्ट हटाने का काम शुरू नहीं किया गया है। हालांकि, गंगा का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। हाल यह है कि जैसे-जैसे पानी कम हो रहा है। घाटों पर सिल्ट का दायरा बढ़ता जा रहा है। शारदीय नवरात्र मेले में आने वाले श्रद्धालु रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन या निजी वाहनों से आने के बाद सीधे घाट पर ही पहुंचते हैं। यहां इस बार उनका सामना घाटों पर जमे सिल्ट से होगा। ऐसे में इस बार गलियों में श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ेगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है।
विंध्य की पौड़ी पर सीढि़यों पर जमा सिल्ट
दीवानघाट पर विंध्य की पौड़ी की सीढि़यों पर सिल्ट जमा है। सफाई की जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की थी। जो फर्ज अदायगी में अंतिम दौर तक जुटा है। सच यह है कि सफाई में लगे श्रमिकों की संख्या काम के हिसाब से बिल्कुल कम है। ऐसे में सफाई मेला तक पूरा होना संभव नहीं है।
शौचालय निर्माण भी अधूरा
पक्का घाट पर अस्थायी शौचालय का निर्माण अधूरा है। श्रद्धालुओं को इस बार बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ेगा। अब श्रद्धालुओं के पास सिर्फ शुलभ कांप्लेक्स ही सहारा है।
घाटों पर बैरिकेडिंग भी नहीं
गंगा घाटों पर अभी तक प्रकाश व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं की गई है। प्रमुख घाटों पर वैरिकेडिंग तक नहीं करायी गयी है। सिल्ट के कारण सभी घाटों पर फिसलन है।