उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड से तस्करी के जरिए दो अलग-अलग बोलेरो में लाए जाए जा रहे ढाई क्विंटल गांजा को अहरौरा और अदलहाट में पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम बरामद कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया। तस्करी में प्रयुक्त वाहन छत्तीसगढ़ व झारखंड के हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन महेश सिंह अत्रि ने अहरौरा थाने पर पत्रकार वार्ता कर मामले का खुलासा किया।
तस्करी की सूचना पर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने पुलिस के साथ बरबकपुर गेट के पास वाहन चेकिंग शुरू की। एक बोलेरो को रोककर तलाशी ली। वाहन से लगभग एक क्विंटल 12 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने कपिल देव निवासी रसूलपुर थाना सलेमपुर बुलन्दशहर व दूसरे आरोपी विशन कुमार निवासी डोमला हसनगढ़ थाना अहमदगढ़ बुलंदशहर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने एक अन्य बोलेरो से गांजा की दूसरी खेप अदलहाट की ओर निकलने की जानकारी दी। इसपर पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक अदलहाट नवीन कुमार तिवारी को मामले की जानकारी दी। अदलहाट पुलिस ने फत्तेपुर स्थित टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर बोलेरो को रोक तलाशी ली। इसमें से डेढ़ क्विंटल गांजा बरामद किया। पुलिस ने बोलेरो में सवार दो तस्करों जितेंद्र चौधरी निवासी डोंगला हसनगढ़ थाना अहदमगढ़ बुलंदशहर व राबिन कुमार निवासी शेखपुर थाना खानपुर बुलंदशहर को गिरफ्तार किया। दोनों जगहों की पुलिस ने आरोपियों का चालान कर दिया।
अंतरप्रांतीय स्तर पर फैला हुआ है गांजा तस्करों का नेटवर्क
अहरौरा। पुलिस ने विगत माह के अंतराल में ही मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के अंतर्गत इलाके से छठवीं बार लगातार तस्करी कर ले जाया जा रहा अवैध गांजा तथा तस्करों को दबोचा है। उनसे मिली जानकारी के अनुसार अंतर प्रांतीय स्तर पर गांजे की तस्करी का यह काला कारोबार फल फूल रहा है। नेटवर्क का मास्टर माइंड अपने इशारे पर विभिन्न जिलों में इन गांजो की आपूर्ति करा रहा है। पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर सरगना का मोबाइल ट्रेस हो गया है। उसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। नेटवर्क के सरगना की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
भांग की दुकान पर बिकता है गांजा
अहरौरा। इलाके से बड़े पैमाने पर तस्करी के जरिए ले जाए जाने वाले अवैध गांजे की बड़ी खपत विभिन्न जिलों में मौजूद भांग की दुकानों तथा अवैध रूप से संचालित गांजे की दुकानों पर होती है। रकम दोगुना करने की लालच में गाजा तस्कर तीन से पांच हजार रूपये प्रति किलो की दर से खरीद कर दस हजार रूपये प्रति किलो कि दर से दुकानदारों को आपूर्ति करते हैं। जहां छोटी पुड़िया बनाकर अवैध रूप से गांजे की बिक्री का धंधा फल फूल रहा है।