मिर्जापुर। फतहां स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय में शुक्रवार को ऊर्जा निगमों के अध्यक्ष व प्रबंधन पर तानाशाही एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अभियंता व अवर अभियंताओं ने सभा की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शीर्ष स्तर व्यापक भ्रष्टाचार के विरोध में सभी अभियंता व अवर अभियंता चार-पांच व छह अप्रैल को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। वक्ताओं ने कहा कि ईआरपी घोटाले की सीबीआई जांच कराई जाए। महंगी दरों पर बिजली खरीद कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से जनता के टैक्स के पैसों को बर्बाद किया जा रहा है। जबकि प्रदेश सरकार के अधीन संयंत्रों को कोयला का भुगतान समय से ना आने की वजह से बिजली उत्पादन में अवरोध हो रहा है। जो कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का द्योतक है। वक्ताओं ने नौ बिंदुओं पर अपने विचारों को प्रकट किया और कहा कि अभियंता एवं अवर अभियंता इसका पुरजोर विरोध करेंगे। आरोप लगाया कि ऊर्जा निगमों में शीर्ष प्रबंधन की इस प्रकार की कार्यप्रणाली से समस्त बिजली कर्मियों का मनोबल गिरा हुआ है। अध्यक्षता ईश्वर शरण सिंह व संचालन अभय सिंह ने किया। इस अवसर पर डीके प्रजापति, अदालत वर्मा, अवधेश मिश्रा, अरुण सिंह, वीरेश कुमार, सुमित यादव, सूरज शाह, राम सिंह, विनय कुमार, विनोद कुमार, शंभू नाथ आदि थे।