गांवों में शौचालय निर्माण में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने वाले संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शौचालय निर्माण के दौरान लंबाई, चौड़ाई और उंचाई सहित मानक का विशेष ध्यान रखें। दस शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण कराने के बाद ही अन्य शौचालयों के लिए बजट जारी किया जाएगा।
यह बातें जिला पंचायत सभागार में भारत स्वच्छता मिशन के तहत आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2014-15 में शौचालयों के निर्माण की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह
ने कही।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता पर कराएं। एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी लाभार्थियों का चयन खुली बैठक के माध्यम से करें।
कहा कि शौचालय निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता होने पर संपूर्ण जिम्मेदारी एडीओ पंचायत
की होगी।
सीडीओ ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में शौचालयों के निर्धारित लक्ष्य को तेजी से पूरा करें। शौचालयों के निर्माण में मानक का पूरा ध्यान रखें।
शौचालयों के निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। कहा कि शौचालय निर्माण के बाद पानी की टंकी अवश्य स्थापित करें और लोहे का दरवाजा लगवाएं।
कहा कि शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार दिया जाता है, जिसमें से नौ हजार केंद्रांश और तीन हजार राज्यांश से मिलता है।
शौचालयों का निर्माण पानी के श्रोत के पास कत्तई नहीं कराएं। इससे पानी का श्रोत दूषित हो जाएगा। यदि किसी शौचालय का निर्माण पानी के श्रोत के पास कराया गया तो शौचालय को तोड़वा कर धन की वसूली संबंधित एडीओ पंचायत, ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी से की जाएगी।
बैठक में जिला समन्वयक विनोद कुमार श्रीवास्तव ने सीडीओ को जिले में बने शौचालयों की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सभी एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान शामिल हुए।