पारस हत्याकांड के आरोपी को क्राइम ब्रांच व लालगंज पुलिस ने लालगंज थाना क्षेत्र के चिंताग चौराहे से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने पीतल की सिल्ली को सोने की सिल्ली बता कर बेचे गए धातु को भी बरामद किया है। हत्यारोपी गुरु हीरालाल ने चेले पारस का साढ़े पांच लाख रुपये गबन करने के लिए 24 अप्रैल की रात कटाई गांव के पास पूजा पाठ के बहाने बुला कर प्रसाद में पोटैशियम साइनाइड मिला कर खिलाते हुए मार डाला था। ये बातें पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने पुलिस लाइन में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बताईं।
उन्होंने बताया कि कटरा कोतवाली क्षेत्र के नकहरा नई बस्ती निवासी हीरालाल पुत्र स्व. अमरनाथ सोनार है। हीरालाल लालगंज के कटाई गांव निवासी पारसनाथ पांडेय के साथ मिल कर तांत्रिक का काम करने लगा। हीरालाल ने बताया कि सोने की मूर्ति को किसी जंगल में गाड़ देेंगे। जिसे बाद में लोगों के सामने निकालेंगे तोे लोग उसे पुरातत्व की मूर्ति समझ कर लाखों रुपये में खरीदेंगे और हमलोग करोड़पति बन जाएंगे, लेकिन इसके लिए उसे रुपये चाहिए ताकि सोना लाकर मूर्ति बना सकें। पारसनाथ को हीरा का सुझाव अच्छा लगा और उसने तत्काल सोना खरीदने के लिए सात लाख हीरा को दे दिया।
पैसा पाते ही हीरा असली सोना लेने की बजाय इलाहाबाद से छह किलो पीतल खरीदा और उसके दोनों ओर थोड़ा थोड़ा सोना लगाते हुए सिल्ली पर सोने का पानी चढ़वा दिया। ताकि पूरी सिल्ली सोने की लगे। इसमें उसके डेढ़ लाख रुपये खर्च हो गए। बचे साढ़े पांच लाख जिसे उसने अपने पास रख लिया। सिल्ली पारसनाथ को दिया तो उसने उसकी जांच कराई तो पीतल का पाया। यह देखते ही पारस हीरा से अपने सारे पैसे वापस करने को कहा। मुकदमे के डर से हीरा ने चेले पारस को मारने की साजिश रची। 24 अप्रैल की रात पारस को लालगंज थाना क्षेत्र के कटाई नदी के पास पूजा पाठ के बहाने बुलाया। उन्हें प्रसाद खिलाने के बहाने मिश्री में पोटैशियम साइनाइड मिला कर खिला दिया। जिसे खाते ही उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।