जिले की चुनार, मड़िहान एवं छानबे विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश के तीन बड़े नेताओं ने विरासत कायम रखने के लिए बेटों को चुनाव मैदान में उतारा है। इन्हें जिताने के लिए वह न केवल पुत्रों के लिए चुनावी रणनीति बना रहे हैं बल्कि विधानसभा क्षेत्र में अपने संपर्कों को भी क्षेत्र में प्रचार के लिए सक्रिय कर दिया है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व एमएलसी राजेशपति त्रिपाठी ने अपने बेटे ललितेशपति त्रिपाठी को दूसरी बार विधानसभा में पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झाेंक दी है, वहीं चुनार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं कद्दावर नेता ओम प्रकाश सिंह अपने बेटे अनुराग सिंह को विधानसभा में पहुंचाने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं। इन दोनाें वरिष्ठ नेताओं की राजनीतिक प्रतिष्ठा चुनार एवं मड़िहान विधानसभा क्षेत्र में अटकी हुई है।
मड़िहान विधानसभा क्षेत्र में जहां कांग्रेस व सपा गठबंधन के प्रत्याशी ललितेशपति को सपा का समर्थन है, वहीं चुनार विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी अनुराग सिंह के सामने अपना दल सोनेलाल ने गठबंधन को दरकिनार करते हुए अनिल सिंह पटेल को प्रत्याशी बनाकर मुश्किल खड़ी कर दी है। इतना ही नहीं जिले के एकमात्र सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र छानबे से अपना दल एस के प्रत्याशी पूर्व सांसद पकौड़ी कोल के बेटे राहुल कोल को भाजपा का समर्थन है। तीनाें विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के पिता बेटाें की जीत सुनिश्चित करने के लिए चुनार, मड़िहान एवं छानबे विधानसभा क्षेत्र के जंगल, पहाड़, गली-गली एवं पथरीली राहों से गुजर रहे हैं। इन्होंने क्षेत्र में अपने संपर्कों को भी प्रचार में जुट जाने को कहा है।
बतातें चलें कि वर्तमान समय मड़िहान विधानसभा क्षेत्र से ललितेशपति त्रिपाठी कांग्रेस के विधायक हैं। चुनार एवं मड़िहान के प्रत्याशी अनुराग एवं ललितेश पूर्व में लोकसभा के भी प्रत्याशी रह चुके हैं, वहीं पूर्व सांसद पकौड़ी कोल के बेटे राहुल कोल राजनीति का ककहरा सीख रहे हैं। ऐसे में तीनाें प्रत्याशियों के पिता की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई हैै।