परिजनों के मुताबिक बादाम भुनने के लिए सुनैना ने मड़हे के पास पुआल जला दिया। इसके बाद सुनैना भी मड़हे में चली गई। पुआल की आग ने मड़हे को जद में ले लिया। इससे मड़हा जलने लगा। आग की चपेट में आने पर बच्चे चीखने लगे।
आवाज सुनकर मां और दादा की नजर मड़हे पर पड़ी। किसी तरह ग्रामीणों की मदद से तीनों को बाहर निकाला गया, तब तक तीनों की मौत हो गई थी। तीनों बच्चों की मौत से जितेंद्र पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।