संवाद न्यूज एजेंसी
अदलहाट। थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में गाजीपुर के सैदपुर में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाली एक ही परिवार की दो महिलाओं काजल और रितु तथा चार माह की मासूम सेजल का शव रात 10बजे गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। तीनों का अंतिम संस्कार नरायनपुर रैपुरिया घाट पर सोमवार की भोर में चार बजे किया गया।
यह जानकारी मिलन गिरि ने दी। बताया कि पोस्टमार्टम के बाद तीनों शवों को लेकर रात 10 बजे घर पहुंचे। सोमवार की भोर चार बजे रायपुरिया श्मशान घाट पर देवरानी काजल व जेठानी रितु का अंतिम संस्कार किया गया। चार माह की सेजल का शव नदी में प्रवाहित किया गया।
सूचना मिलने पर चुनार के भाजपा विधायक अनुराग सिंह सोमवार को शाहपुर गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने सरकारी सहायता राशि दिलाने के साथ हर संभव मदद का आश्वासन दिया। रविवार रात करीब 10 बजे तीनों के शव गांव पहुंचा। दोनों के पतियों ने मुखाग्नि दी। घायल प्रतीक की डेढ़ वर्षीय बेटी श्रेया अपनी मां और बड़ी मां को याद कर लगातार रो रही है।
शाहपुर गांव निवासी कुंदन गिरि गांव के ही एक ईंट भट्ठे पर मुंशी हैं। उनके दो बेटे पंकज और प्रतीक हैं। रितु गिरि (23) और काजल गिरि (22) उनकी बहुएं थीं। प्रतीक की दो बेटियों में श्रेया और सेजल थीं।
प्रतीक परिवार के साथ मुंबई के कांदीवली स्थित हनुमान नगर में मजदूरी करता है। वह सात मई को पूरे परिवार के साथ मुंबई से गांव आया था। प्रतीक की शादी आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र के नदवां गांव में हुई है। उसकी सास का ऑपरेशन हुआ था। उन्हें देखने के लिए पांच जून को प्रतीक गिरि अपनी पत्नी काजल, भाभी रितु तथा श्रेया और सेजल के साथ आजमगढ़ गया था।
सात जून की सुबह करीब सात बजे गांव लौटते समय वे गाजीपुर के सैदपुर के पास पहुंचे। वहां सेजल को दूध पिलाने के लिए बाइक खड़ी की गई थी। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने बाइक में टक्कर मार दी।
बस रितु, काजल और सेजल को कुचलते हुए निकल गई, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक के पास खड़े प्रतीक और उसकी बेटी श्रेया गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रतीक का दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया।