मिर्जापुर। दरी एवं कार्पेट के निर्माता एवं निर्यातकों ने मिर्जापुर दरी एवं कार्पेट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष बुधिया के नेतृत्व में रविवार को केंद्रीय राज्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। बताया कि अमेरिका को होने वाले कालीन और दरी के निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगने से व्यापार पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर वाणिज्य तथा वित्त मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राहत प्रदान कराने की मांग की है।
अध्यक्ष आशीष बुधिया ने कहा 50 प्रतिशत टैरिफ लगने के प्रभाव से कालीन और दरी के निर्यात में भारी कमी आने की संभावना है। कहा कि टैरिफ के कारण यूएस की ओर से पहले से दिए ऑर्डर का जो माल तैयार है उसका निर्यात रोक दिया गया है। बायरों की ओर से डिस्काउंट मांगा जा रहा है।
इससे भुगतान में समस्या हो रही है। अध्यक्ष ने कहा कि जब तक इस टैरिफ विवाद का हल नहीं निकल जाता तब तक निर्यातकों को भुगतान संतुलन बनाए रखने के लिए ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए।
सचिव मनोज खंडेलवाल ने कहा कि फंड की उपलब्धता की कमी के कारण इस समय निर्यातकों को 1 की धारा 43-बी (एच) से मुक्त किया जाए। इस दौरान चंद्रमोहन वासन, मोहन अग्रवाल, कल्याण अग्रहरी, अश्वनी जैन, रामनारायण आदि रहे।
अमेरिकी टैरिफ समस्या से कालीन उद्योग में माहौल चुनौती पूर्ण : मिर्जापुर। अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ समस्या से कालीन उद्योग इस समय चुनौतीपूर्ण माहौल से गुजर रहा है।
दोराहे पर खड़े उद्योग को सरकार से अपेक्षाएं हैं। यदि सरकार का सहयोग मिला तो उद्योग खड़ा रह पाएगा अन्यथा भविष्य ठीक नहीं दिखाई पड़ रहा है। समस्या के लिए एकमा अध्यक्ष रजा खान के नेतृत्व में कालीन निर्माण एवं निर्यातक ने भदोही सांसद विनोद बिंद से मुलाकात कर अपनी समस्याओं की तरफ ध्यान आकृष्ट कराते हुए समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार से पहल करने का अनुरोध किया।
सांसद विनोद बिंद ने कालीन उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया और वाणिज्य मंत्री से मुलाकात कर समाधान का भरोसा दिया। इस दौरान सीईपीसी के पूर्व चेयरमैन सिद्धिनाथ सिंह, पूर्व अध्यक्ष एकमा रवि पटौदिया, शौकत अंसारी, असलम महबूब, संजय गुप्ता, इम्तियाज अंसारी, गुलाम सरफुद्दीन अंसारी, ओमकार मिश्रा, पूर्व प्रशासनिक समिति सदस्य सीईपीसी उमेश गुप्ता, शमीम अंसारी, उमेश शुक्ला, सूर्यमणि तिवारी, एकमा सचिव पीयूष बरनवाल व अन्य कालीन उद्यमी और निर्यातक मौजूद रहे।