मिर्जापुर/ पड़री। जिले में खाद की किल्लत और काला बाजारी से किसान जूझ रहे हैं। बाजारों में यूरिया की कालाबाजारी तो समितियों पर लंबी कतारों के बावजूद यूरिया नहीं मिलने की शिकायत पर किसानों की समस्याओं को जानने के लिए रविवार को अमर उजाला की टीम रविवार को पहाड़ी विकासखंड के टेढ़ा गांव पहुंची। यहां संवाद में किसानों ने अपनी बात रखी।
किसानों का कहना है जब-जब फसलों में खाद डालने का समय आता है, तब साधन सहकारी समितियों पर खाद की कमी हो जाती है। मजबूरन किसानों को बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीदकर खेतों में डालना पड़ता है। किसानों का कहना है कि बाजार में दुकानदार किसानों को तभी यूरिया या डीएपी देते हैं जब उनके साथ सल्फर, जिंक, पोटाश या नैनो खाद जैसी अनावश्यक खाद भी खरीदते हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी ठेके पर शराब की कभी कमी नहीं होती। पहाड़ी ब्लॉक के 46 ग्राम पंचायतों के किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए कठिनई, भरपुरा, माधोपुर, मोहनपुर भवरख, पहाड़ी पचोखरा और दाढ़ीराम साधन सहकारी समितियों के जरिए वितरण की व्यवस्था की गई है।
इस समय में धान की फसल में यूरिया की जरूरत है, माधोपुर समिति को छोड़कर अन्य समितियों पर खाद उपलब्ध ही नहीं है।
सरकारी समितियों पर जहां उर्वरक मौजूद है वहां किसानों को कौन कहे खुद समिति के सदस्यों तक से इंतखाब और अन्य कागजात मांगे जाते हैं। जबकि पहले से ही आधार कार्ड, खसरा, खतौनी जमा कराकर ऋण सीमा तय की जाती है। संवाद कार्यक्रम में सुनील कुमार सिंह, चंदन सिंह, राजेंद्र भारती, राहुल तिवारी, दीपु सिंह, अंकित सिंह, नंदलाल यादव, राजबली सिंह, गोपाल सिंह, आजाद दुबे, बाबा सिंह, गुलाब चंद विश्वकर्मा आदि रहे।