मिर्जापुर। प्रताड़ना की शिकार सिर्फ पत्नियां नहीं होती है, पति भी प्रताड़ित हो रहे हैं। हाल के दिनों में पति को मार कर ड्रम में शव छिपाने से लेकर पति की हत्या कर सांप कटवाने की घटनाएं सामने आई हैं। जिले में भी एक मामला ऐसा आया है, जिसमें पति के झुलस जाने पर पत्नी उसे छोड़कर चली गई है। एक साल से पत्नी मायके में रह रही है। पति परिवार परामर्श केंद्र के चक्कर काट रहा है, लेकिन वह पति के साथ जाने को राजी नहीं है।
जमालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की शादी सात साल पहले वाराणसी की युवती से हुई थी। पति बाहर रहकर कमाता था। उनके दो बेटे हैं। एक साल पहले होली में पति घर आया था। कमरे में गैस सिलिंडर लीक कर रहा था। लाइट न होने पर पति ने माचिस जलाई तो कमरे में आग लग गई, जिससे वह झुलस गया था। आग से उसके शरीर का 50 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। अस्पताल में उसका हो रहा था, तभी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई थी। इसके बाद से वह पत्नी वापस नहीं आई। बड़ा बेटा पिता के पास और छोटा अपनी मां के पास है। पति का कहना है कि उसके झुलस जाने के कारण पत्नी उसे छोड़कर चली गई। वह चाहता है कि पत्नी साथ में रहे। रविवार को पत्नी को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आई।
परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को 15 दंपतियों की काउंसलिंग कर उनको एक साथ रहने के लिए राजी किया गया। इस मौके पर परामर्श केंद्र प्रभारी रीता यादव, शशि तिवारी, डाॅ. कृष्णा सिंह, निर्मला राय, राजेश जायसवाल, सपना, सावित्री आदि मौजूद थीं।